Thu. Apr 30th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत के साथ मामला सुलझाने के बाद नेपाल चीन से भी वार्ता करेगा : विदेश मंत्री ज्ञवाली

 

काठमान्डू

नेपाल सरकार द्वारा लिपुलेख क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण का पुरजोर विरोध किया गया है। सोमवार को भारतीय राजदूत को बुलाकर इस मामले आपत्ति दर्ज कराया है। इससे पहले  भारत ने शनिवार को चीन के साथ लगे सीमा पर लिपुलेख तक सड़क के निर्माण के खिलाफ नेपाल के विरोध को खारिज कर दिया था।

भारत ने कहा था कि यह क्षेत्र पूरी तरह से भारत के हिस्से में है। साथ ही यह भी कहा था कि दोनों पक्ष राजनयिक बातचीत के माध्यम से इस तरह के सीमा मुद्दों को हल कर सकते हैं।

यह भी पढें   संसद चल रही अवस्था में अध्यादेश लाना लोकतांत्रिक मान्यताओं के विपरीत – भीष्मराज आङ्देम्बे

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश को दर्शाने वाले नए भारतीय मानचित्रों में कालापानी को उत्तराखंड का हिस्सा बताया गया था। इसके बाद से ही नेपाल इसका विरोध करता आया है  । नेपाल ने कालापानी मुद्दे के समाधान के लिए वार्ता की मांग की थी, लेकिन  भारत ने इस विरोध को खारिज कर दिया। भारत ने कहा था कि नए नक्शे भारतीय क्षेत्र को सटीक रूप से चित्रित करते हैं।

इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री ज्ञवाली ने कहा कि नेपाल भारत के साथ सीमा वार्ता आयोजित करने के लिए कोरोना संकट के खत्म होने की प्रतीक्षा नहीं कर सकता।  उन्होंने कहा कि भारत के साथ मामला सुलझाने के बाद नेपाल चीन से भी वार्ता करेगा। साथ ही यह भी कहा कि हम भारत के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत के लिए तैयार हैं।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 26 अप्रैल 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

वहीं, इस पूरे मामले पर भारत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘उत्तराखंड राज्य में पिथौरागढ़ जिले में हाल ही में उद्घाटन किया गया सड़क खंड पूरी तरह से भारत के क्षेत्र में स्थित है। यह सड़क कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पहले से मौजूद मार्ग के अनुसार है।’

उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सीमा मुद्दों के लिए एक स्थापित तंत्र है। नेपाल के साथ सीमा का परिसीमन भी जारी है। उन्होंने कहा कि भारत कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दों को हल करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *