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WHO की निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग, भारत समेत 62 देशों ने मसौदा पेश किया

जेनेवा, एएनआइ।

नॉवेल कोरोना वायरस को लेकर अब विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी दुनिया के कई देश संदेह भरी नजरों से देख रहे हैं। दरअसल, महामारी से जुड़े आंकड़ों व जानकारियों को लेकर WHO द्वारा दी जा रही जानकारी के लिए ऑस्ट्रेलिया व यूरोपीय संघ की ओर से स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। 18 मई से शुरू होने वाले दो दिवसीय 73वें विश्व स्वास्थ्य सभा (73rd World Health Assembly, WHA) की बैठक में पेश मसौदे के जरिए यह प्रस्ताव दिया गया है कि WHO महामारी को लेकर सही जानकारी दे रहा या नहीं इसकी जांच की जाए। भारत समेत दुनिया के 62 देशों ने ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ के संयुक्त प्रयास का समर्थन किया है।

भारत समेत 62 देशों ने एक मसौदा पेश किया है जिसमें प्रस्ताव है कि कोरोना वायरस के दौरान WHO के कामकाज की निष्पक्ष, स्वतंत्र, व्यापक और चरणबद्ध समीक्षा की जाए। जांच की मांग वाले इस मसौदे को ऑस्ट्रेलिया ने तैयार किया है। भारत के अलावा जापान, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, तुर्की, रूस, इंडोनेशिया, मैक्सिको, ब्राजील और सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्यों द्वारा इसे समर्थन दिया गया है।

पेश किए गए मसौदे के अनुसार कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर के देशों में संकट के हालात हैं इसलिए WHO की निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच की मांग की गई है। पिछले माह ऑस्ट्रेलिया पहला देश था जिसने इस संदर्भ में जांच की मांग की थी कि कोरोना वायरस की शुरुआत कैसे हुई। हालांकि इस मसौदे में चीन का या उसके शहर वुहान का जिक्र नहीं है जहां से इस महामारी की शुरुआत माना गया है। यूरोपीय संघ के मसौदे को समर्थन देने वाले बड़े देशों में जापान, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और कनाडा है। कोरोना वायरस को लेकर आयोजित विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक में सभी 194 डब्ल्यूएचओ सदस्य राज्यों और पर्यवेक्षकों शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य सभा हर साल मई में जेनेवा में होती है।

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