Wed. Sep 16th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मनीषा काेईराला के ट्वीट पर स्वराज कौशल का जवाब, चीन को बीच में लाकर अपनी स्थिति कमजोर कर रही हैं

 

भारत और नेपाल के बीच कालापानी मुद्दे पर  अभिनेत्री मनीषा कोइराला के ट्वीट पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। अपने ट्वीट में मनीषा ने नेपाल के नए नक्शे में कालापानी को शामिल किए जाने के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए  इसे नेपाल का आत्मसम्मान बताया और इशारों में चीन का भी जिक्र किया। इस ट्वीट पर  पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने उन्हें जवाब दिया है।

मनीषा कोइराला ने नेपाल के विदेश मंत्री के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘‘हमारे छोटे से देश का आत्मसम्मान बरकरार रखने के लिए आपका शुक्रिया। हम सभी तीनों महान देशों के बीच शांति और आदरपूर्वक बातचीत के जरिए समाधान को लेकर आशान्वित हैं।”

यह भी पढें   दिशा मिले तो जीवन की ऊर्जा बन जाती है, परिवर्तन की शक्ति : बिमल सरार्फ

मनीषा के इस ट्वीट पर भारत के पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और मनीषा कोइराला के परिवार से अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए भारत-नेपाल के बीच चीन को लाने पर निशाना साधा।

स्वराज कौशल ने मनीषा कोइराला को बेटी जैसा बताते हुए लिखा, ”भारत को नेपाल से शिकायत हो सकती है या नेपाल का भारत के साथ कोई गंभीर दिक्कत हो सकती है। यह भारत और नेपाल के बीच है। आप चीन को कैसे बीच में लाईं? यह हमारे लिए बुरा है और यह नेपाल के लिए भी अच्छा नहीं है।”

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 13 सितंबर 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘‘जब आप चीन को लाती हैं तो भारत के साथ हजारों सालों के रिश्ते को बर्बाद करती हैं। आप हमारी साझा विरासत को बर्बाद कर रही हैं। और सबसे महत्वपूर्ण आप खुद संप्रभु देश के रूप में अपनी स्थिति को कमजोर कर रही हैं।”

स्वराज कौशल ने नेपाल में लोकतंत्र बहाली के लिए संघर्ष में भारत के साथ का जिक्र करते हुए कहा, ”भारतीयों को यह जानना चाहिए कि दुनिया में एकमात्र हिंदू राष्ट्र को खत्म करने की साजिश थी। उन्होंने माओवादियों के साथ हाथ मिलाया। उन्होंने प्रचंड और बाबू राम भट्टराई को सम्मानित किया। उन्होंने एकमात्र हिंदू स्टेट को बर्बाद कर दिया। उनका मिशन पूरा हुआ।”

यह भी पढें   ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जारी की गई ‘नई दिल्ली घोषणा–पत्र २०२६’

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘परिणाम यह हुआ कि वामपंथी भारत के खिलाफ चीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। या चीन वामपंथियों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है। इसका परिणाम यह है कि पहले भारत का चीन के साथ बॉर्डर हिमालय तक था। अब भारत चाइना बॉर्डर बीरंगज में शुरू हो जाता है।”

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com