Tue. Apr 21st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

रुकुम की जातीय हिंसा का अध्ययन करने के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन

 

 

सरकार ने रुकुम की जातीय हिंसा का अध्ययन करने के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

मंगलवार को नेशनल असेंबली में सांसदों द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए, गृह मंत्री राम बहादुर थापा ने कहा कि संयुक्त सचिव, गृह मंत्रालय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है।

गृह मंत्री के अनुसार, इस घटना में तीन लोग मारे गए हैं और तीन अन्य लापता हैं।

यह भी पढें   जेनजी आंदोलन के बाद गृहमंत्री सुधन गुरूंग ने खरीदे 50 लाख से अधिक के शेयर

जेठ १० गते रुकुम पश्चिम चौरजाहारी वडा नम्बर-८ के मल्ल थर की युवती के साथ प्रेम विवाह करने के लिए गए जारजरकोट भेरी नगरपालिका वडानम्बर ४ के २१ वर्ष के नवराज विक १९ लोगों के साथ  चौरजाहारी पहुँचे थे । उसी समय लडकी पक्ष के साथ विवाद हुआ ।

भागने के क्रम में नदी में कूदे  नवराज विक का शव भेरी नदी के बीच भाग में मिला। उनके साथ के टीकाराम सुनार और गणेश बुढा का शव भी मिला है ।

यह भी पढें   पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत घटाने के लिए जेन–जी नागरिक अभियान का प्रदर्शन

गृह मंत्री थापा ने कहा कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जाजरकोट अस्पताल में रखा गया है। गृह मंत्री थापा ने कहा कि जिन लोगों की लाश अभी तक नहीं मिली है उनकी तलाश जारी है।

जजरकोट के वर्ष १८ के लोकेन्द्र सुनार, वर्ष १७ के गोविन्द शाही, वर्ष १७ के सञ्जु विक लापता हैं उनकी खोज के लिए गोताखोर परिचालन करने की जानकारी मन्त्री थापा ने दी है ।

यह भी पढें   विश्वविद्यालयों से राजनीतिक छात्र संगठनों की संरचना हटाने का सरकार का निर्णय, सुरक्षा देने की भी घोषणा

रुकम घटना पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए, सांसद चक्र प्रसाद स्नेही ने दलितों से संबंधित घटनाओं का अध्ययन करने के लिए एक संसदीय समिति के गठन की मांग की है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed