कालापानी से भारतीय सेना को हटना होगा और वार्ता के लिए भारत तैयार रहना चाहिएः श्रेष्ठ
काठमांडू, १८ जून । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी के नेता तथा राष्ट्रीयसभा सदस्य नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा है कि नेपाली भूमि कालापानी क्षेत्र में रहे भारतीय सैनिक कैप को वहां से हटाना चाहिए । बिहीबार आयोजित राष्ट्रीयसभा बैठक में बोलते हुए नेता श्रेष्ठ ने कहा– ‘हम लोगों ने कहा है कि उक्त भूमि नेपाल की है, जो हम लोगों को प्राप्त होना चाहिए । वहां रहे भारतीय सैनिक, पुलिस तथा अन्य सुरक्षा कर्मचारी सभी को वापस होना चाहिए और उस प्रकार की कैंप को बंद करना चाहिए ।’
नेता श्रेष्ठ को यह भी कहना है कि लिम्पियाधुरा लगायत नेपाल–भारत सीमा संबंधी समस्या समाधान के लिए भारत वार्ता के लिए भी तैयार होना चाहिए । उनका कहना है कि समस्या समाधान के लिए एक मात्र विकल्प वार्ता और संवाद ही है । उन्होंने आगे कहा– ‘हम लोग बारबार कह रहे हैं कि हम लोग वार्ता के लिए तैयार हैं, इसके लिए प्रयासरत हैं, भारत भी तैयार होना चाहिए । नेपाल–भारत संबंध नकारात्मक दिशा की ओर ना जाए, हमारी चाहत यही है ।’
नेता श्रेष्ठ ने अपने पार्टी तथा अन्य पार्टी के नेताओं से भी आग्रह किया है कि लिम्पियाधुरा आज के लिए प्रमुख मुद्दा है, इसको छोड़कर अन्य विषयों में विषयान्तर होना ठीक नहीं है । प्रतिनिधिसभा में जनता समाजवादी के नेता उपेन्द्र महतो और राजेन्द्र उपेन्द्र यादव द्वारा व्यक्त अभिव्यक्ति की ओर संकेत करते हुए नेता श्रेष्ठ ने आगे कहा– ‘उक्त भूमि भारत ने कब्जा किया है, उसको वापस करना चाहिए । इतिहास में किसने किस तरह गलती की, उसको लेकर आरोप–प्रत्यारोप करना ठीक नहीं है । महाकाली संधी में हुए राष्ट्रघात के संबंध में भी बात आई है, उसका भी समीक्षा होनी चाहिए, इतिहास की समीक्षा करने का समय भी है, लेकिन राष्ट्रीयता की सवाल में विरोधाभाष चरित्र ठीक नहीं है ।’

