प्रधानमन्त्री ओली की मानसिक स्वास्थ्य के ऊपर जसपा ने किया प्रश्न (फोटो फीचर तथा भीडियो सहित)
काठमांडू, ३० जून । जनता समाजवादी पार्टी नेपाल ने नागरिकता विधेयक विरुद्ध मंगलबार को काठमांडू में जबर्दस्त प्रदर्शन किया है । माइतीघर मण्डला से शुरु प्रदर्शन नयां बानेश्वर पहुँचकर कोणसभा में परिणत हो गया था ।
कोणसभा को सम्बोधन करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है, जनता विरोध में उतर आने लगी है, सरकार विरोधी जनता की मानसिकता को ड्राइभर्ट करने के लिए नागरिकता विधेयक लाया गया है । इसीतरह डा. भट्टराई ने कहा कि नागरिकता विधेयक जनता की भावना, महिला–पुरुष समानता और संविधान के मर्म विपरित भी है ।

कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए डा. भट्टराई ने प्रधनमन्त्री केपीशर्मा ओली द्वारा सार्वजनिक कथन ‘भारत मुझे प्रधानमन्त्री से हटाना चाहता है’ की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह भी उनकी एक चाल है । उनका कहना है कि अगर ऐसा ही है तो प्रधानमन्त्री ओली क्यों राजदूत को बुलाकर स्पष्टीकरण नहीं लेते हैं ? उन्होंने आगे पूछा– ‘प्रधानमन्त्री के विरुद्ध षडयन्त्र करनेवाले लोगों को क्यों देश निकाला नहीं किया जाता ?’

इसीतरह कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए जसपा नेतृ रेणु कुमारी यादव ने कहा कि जनता की माइण्ड को डाइभर्ट करने लिए ही सरकार कभी लिपुलेक और लिम्पियाधुरा संबंधी विवाद को सामने लाता है तो कभी विभेदकारी नागरिकता विधेयक लाती है । उनका कहना है कि लिपुलेक–लिम्पियाधुरा को नेपाल की नक्सा में समेटने के लिए जसपा ने भी समर्थन किया है, अब उसको अपनी भूमि बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है । नेतृ यादव ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण जनता की माइण्ड डाइभर्ट करने के लिए ही सरकार इसतरह की विवादित विषयों को आगे ला रही है । उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत नागरिकता विधेयक संविधान की प्रावधान विपरित है ।

इसीतरह कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए जसपा नेता शरदसिंह भण्डारी ने प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली की मानसिक स्वास्थ्य पर प्रश्न किया । उनका कहना है कि एक समय नेकपा अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल स्वयम् कहते थे कि केपीशर्मा ओली की मानसिक हालत ठीक नहीं है । उसी प्रशंग को उल्लेख करते हुए नेता भण्डारी ने आगे कहा– ‘क्या आज केपीशर्मा ओली की मानसिक हांलत ठीक है ?’ उन्होंने ने कहा कि देश को अराजकता और अस्थिरता की ओर ले जाने का काम ओली सरकार द्वारा हो रहा है । भण्डारी का मानना है कि देश को अस्थिरता और अराजकता की ओर ले जोनवाले व्यक्ति की मानसिक हालत पर प्रश्न उठना स्वभाविक है ।





