उपच्छाया माद्य चंद्र ग्रहण कल रविवार को : आचार्य राधाकान्त शास्त्री
उपच्छाया माद्य चंद्र ग्रहण कल :-
कल 5 जुलाई को लगने वाला उपछाया माद्य चंद्र ग्रहण सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा जो 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इसका भारत मे कोई प्रभाव नही होगा।
ये चंद्र ग्रहण अमेरिका, दक्षिण-पश्चिम यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्से में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस ग्रहण काल में चंद्रमा कहीं से कटा हुआ होने की बजाय अपने पूरे आकार में नजर आएगा।
इसमे चंद्रमा केवल धूसरित दिखाई देंगे, यानी कि छाया माद्य हो जाएगा। यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण की श्रेणी में आएगा। किन्तु इसके लिए कोई सूतक या कोई परहेज नही होता है। केवल पूजन, पाठ , एवं ग्रहण शांति विधान किया जा सकता है।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल प्रभावी नहीं होता है, मानता है कि चंद्र ग्रहण में सूतक प्रभावी नही होता है। ऐसे में केवल ग्रहण दोष शांति विधान उत्तम होता है।
यूं तो सूतक काल में मंदिरों, मूर्तियों, एवं विग्रह की पूजा वर्जित मानी गई है लेकिन सलाह दी जाती है कि इस समय ग्रहण दोष शांति या अपने इष्ट देवता का ध्यान करना चाहिए।
इस समय चंद्रमा राहु केतु के संबंधित मंत्रों का जप करें।
चंद्र ग्रहण कुल 3 तरह के होते हैं
पहला चंद्र ग्रहण, इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं। पूर्ण चंद्र ग्रहण एक ऐसी स्थिति को कहते हैं जब पृथ्वी पूरी तरह से सूर्य को ढक लेती है और चंद्रमा पर सूर्य का थोड़ा भी प्रकाश नहीं पहुंच पाता है।
दूसरे चंद्रग्रहण को आंशिक चंद्रग्रहण कहते हैं, आंशिक चंद्रग्रहण ऐसी स्थिति होती है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है और, इससे आंशिक रूप से पृथ्वी चंद्रमा को ढक लेती है।
उपच्छाया माद्य चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया वाले क्षेत्र में चंद्रमा आ जाता है इसकी वजह से चंद्रमा पर पड़ने वाले सूर्य का प्रकाश कटा हुआ दिखाई देने लगता है। जिसकी वजह से इसे उपच्छाया या माद्य चंद्र ग्रहण कहते हैं।
कल का चन्द्र ग्रहण माद्य चन्द्र ग्रहण सूतक तथा दोष मुक्त चन्द्र ग्रहण है , इसमे किसी प्रकार की कोई बचाव की आवश्यकता नही है, अगर संभव हो तो पूजन एवं ग्रहण शांति कर सकते हैं,
महादेव सबको उत्तम आयु आरोग्यता, सुख सौभाग्य प्रदान कर सबकी सभी मनोकामना पूर्ण करें, आचार्य राधाकान्त शास्त्री ।


