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आज है धर्मगुरु दलाई लामा का 85 वां जन्मदिन, 1959 से निर्वासित जीवन जी रहे

 

धर्मगुरु दलाई लामा का 85 वां जन्मदिन आज है। इस मौके पर उनके मंत्रों और प्रार्थनाओं का अलबम सोमवार को रिलीज किया गया है। दलाई लामा की छात्रा रही न्यूयार्क की जुनेल क्यूनिन (Junelle Kunin) व उनके पति अब्राहम क्यूनिन (Abraham Kunin) की कोशिशों के बाद यह परिणाम दुनिया के सामने आया है।

घर से ही करें प्रार्थना, दलाई लामा ने की अपील

कोविड-19 के मद्देनजर 85वें जन्मदिन पर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के अनुयायियों द्वारा ने वर्चुअल सेलिब्रेशन मनाया जा रहा है। दलाई लामा ने पहले ही वीडियो संदेश जारी कर अपने अनुयायियों को कहा था कि कि महामारी के कारण किसी तरह के समरोह का आयोजन संभव नहीं है। उन्होंने कहा, ‘किसी तरह के समारोह की आवश्यकता भी नहीं है। लेकिन यदि आप मेरा जन्मदिवस मनाना चाहते हैं तो मैं आपसे निवेदन करना चाहूंगा कि आप कम से कम एक हजार बार मानी मंत्र- ओम मानी पद्मे हंग ( Mani mantra -Om Mani Padme Hung) का जाप करें।’

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धर्मशााला में हुई रिकॉर्डिंग

इस एलबम के शुरुआती रिकॉर्डिंग भारत के धर्मशाला स्थित दलाई लामा के आवास पर हुआ है। क्यूनिन ने कहा, ‘उनकी प्रार्थनाओं और मंत्रों को रिकॉर्ड करते हुए मैं पत्तों की तरह कांप रही थी। एलबम के प्रमोशनल वीडियो में दलाई लामा ने इसमें हिस्सा लेने कारण पूछे जाने पर कहा, ‘मेरे जीवन का यही लक्ष्य है कि जितना अधिक संभव हो मैं सेवा करूं।’

दो साल में ही माना गया था अवतार

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उत्तर पूर्वी तिब्बत में रहने वाले ओमान परिवार में 6 जुलाई, 1935 को जन्मे तेनजिन ग्यात्सो 1959 से निर्वासित जीवन जी रहे हैं। मात्र दो साल की आयु में ही इनकी पहचान 13वें दलाई लामा थुप्टेन ग्यात्सो के अवतार के रूप में की गई। 1989 में इन्हें नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत में करीब एक लाख तिब्बती रह रहे हैं।

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