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प्रधानमंत्री ओली और प्रचण्ड के बीच हुई सहमति

 

 

नेपाल में सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) को टूटने से बचाने के लिए पार्टी के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहाल के बीच आपसी सहमति बनी है।  समझौते के तहत दहाल ने ओली के इस्तीफे की मांग अब छोड़ दी है क्योंकि कुछ ही दिन पहले श्री दहाल की इस मांग के कारण एनसीपी के विभाजित होने का खतरा उत्पन्न हो गया था।

दहाल को पार्टी के वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल तथा झल नाथ खनाल का समर्थन मिलने के बाद ओली के इस्तीफे की मांग को और बल मिल गया था। उनकी मांग थी कि ओली पार्टी के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दें। स्थायी समिति के 44 में से 33 सदस्यों ने भी ओली के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया था। इसके बाद से ओली और दहाल के बीच गतिरोध को खत्म करने के प्रयास किये जा रहे थे। गौरतलब है कि मई 2018 में एनसीपी का गठन ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल और दहाल की पार्टी माओस्टि सेंटर के विलय से हुआ था।

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी स्थायी समिति की अहम बैठक रविवार को सातवीं बार टाल दी। अब इसका कार्यक्रम मंगलवार के लिये निर्धारित किया गया है। इस बीच, पार्टी के शीर्ष नेताओं ने प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड के बीच सत्ता साझीदारी पर बातचीत के प्रयास तेज कर दिए हैं। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के केंद्रीय कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार स्थायी समिति की बैठक रविवार को दोपहर तीन बजे होनी थी, जिसे मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे के लिए टाल दिया गया है।

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यह सातवीं बार है, जब सत्तारूढ़ पार्टी ने अपनी स्थायी समिति की बैठक टाली है। स्थायी समिति के सदस्य गणेश शाह ने ‘पीटीआई-भाषा को बताया कि रविवार सुबह हुई एक अनौपचारिक बैठक के दौरान पार्टी के शीर्ष नेताओं ने मतभेदों को दूर करने के लिये और दो दिनों के लिए बैठक टालने का फैसला किया।

पार्टी की 45 सदस्यीय शक्तिशाली स्थायी समिति की बैठक सबसे पहले 24 जून को बुलाई गई थी, जिसके पहले प्रधानमंत्री ओली ने आरोप लगाया था कि पार्टी के कुछ नेता कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा, तीन भारतीय क्षेत्रों को देश के नए राजनीतिक नक्शे में शामिल करने के बाद उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए दक्षिणी पड़ोसी देश के साथ मिल गए हैं।

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