जानकी मन्दिर के महन्थ ने किया प्रधानमन्त्री ओली की अभिव्यकित का खण्डन
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३१ जुलाई, जनकपुर । जनकपुरधाम स्थित जानकी मन्दिर के महन्थ रामतपेश्वर दास वैष्णव ने प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा राम जन्मस्थान सम्बन्ध में दी गई अभिव्यक्ति का खण्डन किया है । वैष्णव ने बताया कि कोई भी व्यक्ति विशेष के चाहने से सामाजिक, सांस्कृतिक और मौलिक परम्परा के ऊपर हस्तक्षेप नहीं कर सकता है ।
वैष्णव ने प्रधानमन्त्री ओली का नाम तो नहीं लिया, पर उनके तरफ ही इंगित करते हुये कहा कि किसी भी व्यक्ति विशेष के चाहने से सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मौलिक परम्परा के इतिहास के ऊपर हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है । सांस्कतिक तथा धार्मिक परम्परा के अनुसार ही सीता का घर जनकपुर और राम का घर भारत का अयोध्या है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने कुछ हफ्ते पहले दावी के साथ कहा था कि राम का जन्म पर्सा के ठोरी अयोध्यापुरी में हुआ है । जिस पर बहुत ही टीक टिप्पणी हुई थी । प्रधानमन्त्री ओली के इस टिप्पणी से हिन्दु धर्मावलम्बी तथा साधु सन्त लोग बहुत क्रोधित हुये थे । इसी समय ४ अगस्त को भारत के अयोध्या में राम के घर का शिलान्यास में जनकपुर के जानकी मन्दिर से विशेष प्रकार का ईंट ले जाने की तैयारी हो रही है ।
बैष्णव ने सभी से आग्रह करते हुये कहा कि प्रधानमन्त्री ओली के आलोचना के नाम में धर्म संस्कृति विरुद्ध गलत सन्देश प्रवाह हो रहा है जिसके लिये सजग रहे । उन्होंने बताया कि जनकपुरधाम–अयोध्या के प्रगाढ सम्बन्ध का इतिहास किसी के मिटाने से नहीं मिट सकता है । उन्होंने दाबी के साथ कहा कि कोई भी कुछ कर लें परन्तु अध्यात्म के रक्षा के सम्बन्ध में हमारे बीच अटूट सम्बन्ध है ।
भारत के उत्तर प्रदेशस्थित अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण होने जा रहा है जिस खुशी में वैष्णव ने सम्पूर्ण जनकपुरधाम वासी से ५ अगस्त अर्थात श्रावण २१ गते को दिपावली मनाने के लिये विशेष आग्रह किया है । और उस दिन राम स्तुति तथा भजन किर्तन करने के लिये भी सभी से आह्वान किया है ।
उन्होंने कहा कि महामारी के कारण अयोध्या में राममन्दिर शिलान्यास तथा भूमी पूजन के अवसर पर जानकी मन्दिर का प्रतिनिधि सहभागी नहीं हो पाया परन्तु हम अवधवासी को ढेर सारी शुभकामना दे रहे हैं । महामारी सामान्य होने के बाद मिथिला अवध यात्रा निकलेगी और जनकपुर से विशेष ईंट राम मन्दिर निर्माण में पहुंचाया जायेगा ।


