रामजानकी मठ की करोडों के जमीन में भूमाफिया का हस्तक्षेप
१५ सितम्बर, रौतहट । रौतहट के दक्षिण–पश्चिमी क्षेत्र फतुवा बिजयपुर नगरपालिका–६, पेटभरवा स्थित रामजानकी मठ के करोडों की जमीन बेचने के लिए भूमाफिया कसरत कर रहे हैं ।
तत्कालीन भूमिसुधार कार्यालय रौतहट का प्रमुख रामकृष्ण उप्रेती और गाविस सचिव सत्यलाल साह कानु के मिलीभगत में जालसाजी कर उक्त जमीन नागेन्द्र यादव के नाम में किया गया था । नागेन्द्र यादव के नाम में रामजानकी मठ का करोडों का जमीन अभी बिक्री की जा रही है ।
माधव नारायण नगरपालिका–६ का बुुसाई राय यादव का बेटा नागेन्द्र यादव झूठ फुस करके मोही धनी बन गया । जमीन का मालिक बनने के बाद नागेन्द्र ने रामजानकी मठ का ३ बिघा १५ कट्ठा जमीन में से मोही हक बापत १ बिघा १७ कट्ठा १० धुर जमीन लिया था ।
उसके बाद नागेन्द्र ने उक्त जमीन अपने दोनो साहु सञ्जयप्रसाद साह और जयमंगल साह के नाम में रकम लेकर धरौटी में रखा था ।
फतुवा बिजयपुर का नगर कार्यपालिका सदस्य लक्षुमण साह ने बताया कि वही जमीन अभी बाहर के आदमी के हमथ बेचना चाहता है ।
साह के अनुसार मठ के मोही हक बापत नागेन्द्र यादव ने अपने नाम पर नामसारी कराकर २०७५ अषाढ २५ गते माधव नारायण नगरपालिका वडा नम्बर ६ का गोपाल साह तेली का बेटा सञ्जयप्रसाद साह के नाम में १ बिघा १३ कट्ठा जमीन पास किया था ।
साह ने बताया कि भूमाफिया द्वारा कर्मचारी के मिलीभगत में रामजानकी मठ का जमीन अनाधिकृत रुप में व्यक्ति के नाम में दर्ता कराने के बाद उक्त जमीन वापस कराने पर एक वर्ष से कार्यपालि का सदस्य साह के साथ पेटभरवा गांव का कुछ युवा सक्रिय हुआ है । परन्तु नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उक्त मठ का जमीन वापस कराने में कठिनाई हो रही है ।

