Mon. Jun 1st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

कोरोना का कहर, भूख और बेरोजगारी के बीच नेपाल में मानव तस्करी बढी

 

Quantum jump in human trafficking Nepal | India TV news | India News –  India TV

कोरोना महामारी से चरमराती अर्थव्यवस्था के बीच नेपाल में मानव तस्करी बढ़ी है। दिल्ली से काठमांडू तक फैला दलालों का रैकेट नौकरी का झांसा देकर युवतियों और किशोरों को भारत भेज रहा है। युवतियों को देह व्यापार में भी धकेलने की कोशिश की जा रही है। किशोरों को ढाबों में भेजा जा रहा है। बीते एक माह में ऐसे दस मामले पकड़कर 15 युवतियों और तीन किशोरों को नेपाल वापस भेजा गया।

नेपाल में 21 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद से यहाँ होटल सूने पड़े हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक 2019 में 11.7 लाख पर्यटकों के मुकाबले इस वर्ष अभी तक 1.77 लाख विदेशी पर्यटक ही आए हैं । इसका असर भारतीय सीमा से सटे नेपाल के बेलहियां, भैरहवां, लुंबिनी, बुटवल, नवलपरासी समेत बड़े हिस्से पर पड़ा। पर्यटकों को पेइंग गेस्ट रखने वालों की कमाई का जरिया बंद है। इसी का फायदा उठाते हुए मानव तस्कर भारत में नौकरी का झांसा देकर युवतियों व बच्चों को जाल में फंसा रहे हैं। सीमा सील होने के कारण पगडंडी के रास्ते भारत भेज रहे हैं। गत एक माह में ऐसे दस मामले सामने आए, जिनमें छुड़ाए गए सभी 18 लोग पहली बार भारत आए थे। वहीं, सौ से अधिक नेपाली युवतियां, महिलाएं और बच्चे दिल्ली समेत अन्य शहरों में पहुंच चुके हैं।

यह भी पढें   मधेश प्रदेश के लिए कैसा है २०८३/८४ का बजट ? कितनी आशा कितनी निराशा ?

आर्केस्ट्रा संचालकों को बेची जा रहीं युवतियां

नेपाली युवतियां दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में भेजी जा रही हैं। कुछ युवतियां सीमावर्ती क्षेत्र के आर्केस्ट्रा संचालकों को भी बेची गई हैं। 31 अगस्त को महराजगंज के बलूवही धूस इलाके के आर्केस्ट्रा संचालक के घर से दो नेपाली युवतियां मुक्त कराई गईं थीं। कोल्हुई में भी आर्केस्ट्रा संचालक के घर से युवती को मुक्त कराया गया। उसे देह व्यापार में धकेलने की तैयारी थी। ऐसे में उसने वीडियो बनाकर घरवालों को भेजा। घरवालों की शिकायत पर कार्रवाई हुई।

यह भी पढें   सिक्किम में डा. कायस्थ लिखित पुस्तक विमोचन

विश्व बैंक ने कृषि एवं पर्यटन व्यवसाय पर आधारित नेपाल की आर्थिक विकास दर औंधे मुंह गिरने का आकलन किया है। कृषि एवं उद्योग में मानव श्रम उपयोगिता 75 फीसद और निजी क्षेत्र में ऋण प्रावधान 35 फीसद ही रह गया है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात फीसद से घटकर 1.8 फीसद पर आने का अनुमान है, जो बीते 18 वर्षो में सबसे कम होगी। पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि दर एक फीसद रहने का अनुमान है।

यह भी पढें   सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सरकार ब्रिटेन (इंग्लैंड) से भी बातचीत कर रही है : प्रधानमंत्री बालेन्द्र

 

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *