जसपा पर्सा जिला नेतृत्व प्रति पार्टी के भीतर असंतुष्टी, नेतृत्व परिवर्तन के लिए केन्द्र में दौड़धूप
लिलानाथ गौतम, काठमांडू, ३ अक्टूबर ।
जनता समाजवादी पार्टी (नेपाल) पर्सा जिला में पार्टी के भीतर असंतुष्टी बढ़ती जा रही है । असंतुष्ट पक्षधर नेताओं का कहना है कि जिला में आज जो नेतृत्व हैं, वह पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना के अनुसार नहीं है । उन लोगों का यह भी कहना है कि जिला पार्टी नेतृत्व विधि विधान और लोकतान्त्रिक मूल्य–मान्यता से भी नहीं चल रहा है ।
इसी असंतुष्टी को लेकर जसपा पर्सा जिला से प्रतिनिधित्व करनेवाले कुछ नेता पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए बिहीबार काठमांडू आए थे । प्रदेश सांसद् प्रल्हाद गिरी के नेतृत्व में काठमांडू आनेवालो नेताओं ने पार्टी नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री डा. बाबुराम भट्टराई, राजेन्द्र महतो जैसे शीर्ष नेताओं से मिलकर अपने असंतुष्टी भी जाहिर किया है । साथ में जिला और प्रदेश नं. २ में व्याप्त समस्याओं के संबंध में भी चर्चा की गई है ।
प्रदेश सांसद् गिरी का कहना है कि सिर्फ पर्सा जिला के पार्टी नेतृत्व ही नहीं, प्रदेश नं. २ सरकार भी आज असफल साबित होता जा रहा है । हिमालिनी से बातचीत करते हुए सांसद् गिरी ने कहा है कि जिला नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता तो है, साथ में प्रदेश सरकार परिवर्तन की आवश्यकता भी महसूस हो रही है । उनका आरोप है कि आज प्रदेश सरकार मधेश आन्दोलन और शहीद परिवार की भावना अनुसार नहीं चल रहा है ।
जसपा पर्सा जिला के वरिष्ठ नेता सुन्दर कुर्मी का भी कहना है कि पार्टी नीति और नियम के अनुसार चलनी चाहिए, लेकिन पर्सा जिला में ऐसा नहीं हो रहा है । उनका मानना है कि केन्द्र से टीका लगाकर जो आते है, वही यहां नेतृत्व करते हैं । उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी और नयां शक्ति पार्टी एकीकरण होने के बाद से ही जिला में कुछ गड़बड़ दिखाई दे रही थी । नेता कुर्मी ने हिमालिनी से कहा– ‘पार्टी को मजबूत बनाना है तो टीके प्रथा से नेतृत्व करने का जो सिस्टम है, उसको खत्तम करना चाहिए । जिला में रहे आम जनता, पार्टी के शुभेच्छुक और कार्यकर्ताओं की भावना से जिला नेतृत्व चयन हो सके, इसके लिए ही हम लोग काठमांडू आए हैं ।’

इसीतरह जसपा पर्सा जिला के उपाध्यक्ष मुस्ताकी अंसारी ने कहा– ‘आज के नेतृत्व लगभग एक साल से है । एक साल की अवधि में एक बार भी जिला कमिटी बैठक नहीं हुआ है । जिला पदाधिकारी का बैठक भी नहीं हुआ है । सचिवालय गठन होना चाहिए था, वही भी नहीं हो रहा है ।’ अंसारी का कहना है कि जिला में स्थानीय तह से केन्द्र तक जितने भी जनप्रतिनिधि हैं, उनमें से अधिकांश ७०–७५ प्रतिशत जनप्रतिनिधि जसपा से प्रतिनिधित्व करते हैं । उन्होंने आगे कहा– ‘इसको देखते हुए जिला कार्य समिति की ओर से जो समन्वय होना चाहिए, नहीं हो रहा है । निर्वाचित जनप्रतिनिधि और जिला कार्य समिति के बीच जो सहकार्य होना चाहिए था, वह भी नहीं है । इसके लिए प्रमुख जिम्मेदार जिला पार्टी अध्यक्ष हैं ।’
नेता सुन्दर कुर्मी और जिला उपाध्यक्ष मुस्ताकी अंसारी के साथ की गई भीडियो वार्ता भी यहां प्रस्तुत है–
अंसारी ने कहा कि आज जिला के पार्टी नेतृत्व असक्षम साबित हो चुका है, इसीलिए नेतृत्व परिवर्तन आज की आवश्यकता है । वरिष्ठ नेता कुर्मी कहते हैं– ‘पार्टी संगठन ठीक से संचालन हो सके, यह हमारी इच्छा है । अगर नहीं चले तो हमारी नैतिक दायित्व बनता है कि उसके विरुद्ध आवाज बुलंद करें ।’ उन्होंने यह भी कहा कि जिला नेतृत्व की चयन पार्टी कार्यकर्ताओं की भावना अनुसार लोकतान्त्रिक विधि से होना चाहिए ।
कुर्मी आगे कहते हैं– ‘जिला में रहे नेता और कार्यकर्ताओं की भावना अनुसार नेतृत्व परिवर्तन होना चाहिए, इसके लिए होनेवाले प्रजातान्त्रिक अभ्यास को हम लोग स्वीकार करते हैं । जिला उपाध्यक्ष अन्सारी कहते हैं कि केन्द्र में रहे शीर्ष नेताओं की ओर से आश्वासन मिला है कि अब प्रजातान्त्रिक विधि से जिला नेतृत्व चयन किया जाएगा ।
इधर नेता कुर्मी को कहना है कि व्यक्ति विशेष को लेकर वे लोग नेतृत्व के सामने दौड़धूप नहीं कर रहे हैं । उन्होंने कहा– ‘जिला में किस को नेतृत्व में लाना चाहिए, उसकी अधिक जानकारी कार्यकर्ता को है । कोई व्यक्ति विशेष को लेकर हम लोग लॉबिग नहीं कर रहे हैं, पार्टी के भीतर विधि का शासन हो, लोकतान्त्रिक अभ्यास हो, इसके लिए हम लोग लॉबिग कर रहे हैं ।’ उनका मानना है कि पार्टी को मजदबूत करने के लिए यह एक अन्तरसंघर्ष है, इसको व्यक्ति विशेष को जोड़ कर बहस करना ठीक नहीं है ।

