सरकार विरुद्ध २० राजनीतिक संगठन द्वारा आन्दोलन घोषणा
११ अक्टूबर, काठमांडू । २० राजनीतिक संगठन ने कार्यगत एकता करते हुए वर्तमान सरकार के विरुद्ध संघर्ष का कार्यक्रम घोषणा किया है । आश्विन २४ गते सम्पन्न सङ्गठन की बैठक ने उक्त निर्णय ली है । संगठन का कहना है कि प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली नेतृत्व में निर्मित वर्तमान सरकार राष्ट्रघात और जनघात में लिप्त है, जिससे नेपाली जनता आक्रोशित हैं और परिवर्तन परिवर्तन चाहते हैं । संगठन का निष्कर्ष है कि इस परिवर्तन के लिए अब पुनः जनआन्दोलन की आवश्यक्ता महशूश हो रही है ।
इसके लिए संगठन ने अगामी आश्विन २९ गते १ बजे माइतीघर मण्डला में विरोध प्रदर्शन रखा है । संगठन के तरफ से सीपी गजुरेल द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘एम.सी.सी.की खारेजी, नेपाल के वास्तविक नक्सा अनुसार का भूभाग हासिल करना और भारत द्वारा किया गया नयाँ अतिक्रमण का विरोध, कोभिड–१९ में सरकार से हुई भ्रष्टाचार, गैरजिम्मेवारीपन आदि का विरोध, निःशुल्क उपचार की व्यवस्था, भूख से पीडित जनता के लिए खाद्यान्न की न्यूनतम आवश्यकता की परिपूर्ति, अविलम्ब रोजगारी की व्यवस्था, बलात्कार और हत्या जैसा अपराध का नियन्त्रण और अपराधी को सख्त कारबाई इत्यादि मांगों के साथ माइतीघर मण्डला में सशक्त विरोध प्रदर्शन की जायेगी ।
यह भी उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान कोभिड–१९ सम्बन्धी मापदण्ड का पूर्णरुप से पालन किया जायेगा । २० राजनीतिक सङ्गठनों के कार्यगत एकता में ने.क.पा. (माओवादी) को भी समावेश किया गया है । अब यह २१ सङ्गठन का कार्यगत एकता बन गई है ।
कार्यगत एकता में आबद्ध सङ्गठनें नेकपा (मसाल), नेकपा (क्रान्तिकारी माओवादी), नेकपा (माले), राष्ट्रिय जनमोर्चा, नेपाल, देशभक्त जनगणतान्त्रिक मोर्चा, नेपाल, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी, नेकपा (माओवादी केन्द्र), राष्ट्रिय जागरण मञ्च, जनसमाजवादी पार्टी, नेकपा (संयुक्त), राष्ट्रिय जागरण परिषद्, नेपाल, वैज्ञानिक समाजवादी कम्युनिस्ट पार्टी, नेकपा (बोल्शेविक), राष्ट्रवादी केन्द्र, नेपाल, एम.सी.सी. खारेज अभियान, पुष्पलाल अध्ययन समाज, सर्वहारा कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी), माक्र्सवादी एकता अभियान, नेकपा (माक्र्सवादी), नेकपा माक्र्सवादी (पुष्पलाल) और ने.क.पा. (माओवादी) हैं ।

