आज राष्ट्रीय विभुति फाल्गुनन्द का जन्म जयन्ती, राष्ट्रपति द्वारा शुभकामना व्यक्त
काठमांडू, १० नवम्बर । किराँत धर्मावलम्बियों के महागुरु एवं राष्ट्रीय विभूति फाल्गुनन्द का जन्मजयन्ती आज मनाया जा रहा है । समाज सुधार के लिए फाल्गुनन्द द्वारा किया गया महत्वपूर्ण भूमिका को स्मरण करते हुए हर साल कार्तिक २५ गते फाल्गुनन्द जयन्ती मनाया जाता है । विशेषतः इस अवसर पर नेपाल के पूर्वी पहाडी जिला पाँचथर, ताप्लेजुङ, तेर्हथुम, इलाम, झापा जैसे जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होता है । लेकिन कोरोना संक्रमण संबंधी जोखिम के कारण इस बार अधिक संख्या में लोगों को इकठ्ठा होकर जयन्ती मनाने की छूट नहीं है ।
फाल्गुनन्द का जन्म वि.सं. १९४२ कार्तिक २५ के दिन इलाम में हुआ था और निधन वि.सं. २००५ में हुआ था । किराँत भाषा, लिपि, संस्कार, संस्कृति संरक्षण एवं समाज सुधार के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया है । फाल्गुनन्द को वि.सं. २०६६ साल मंसिर १६ गते तत्कालीन सरकार एवं प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल ने राष्ट्रीय विभूति घोषणा किया था ।
इसी अवसर पर राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने एक शुभकामकना सन्देश जारी करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय विभूति फाल्गुनन्द ने प्रगतिशील, सभ्य और सम्मुन्नत समाज निर्माण के लिए जो योगदान किया है, वह अतुलनीय है और उनके जन्मजयन्ती के अवसर पर हम लोगों को भी ऐसा कार्य करने के लिए प्रेरणा प्राप्त हो सके । राष्ट्रपति भण्डारी को कहना है कि समाज में व्याप्त विकृति और विसंगति को हटाकर प्रगतिशील, सभ्य और समुन्नत समाज निर्माण के लिए हम लोगों को भी फाल्गुनन्द जयन्ती से प्रेरणा प्राप्त हो सके ।
राष्ट्रपति भण्डारी ने यह भी कहा है कि किराँत धर्म और संस्कृति का जो मौलिक पहचान है, उसको संरक्षण करने क लिए नेपाल सरकार प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा है कि फाल्गुनन्द का प्रेरणादायी उपदेश और मार्गदर्शन परिपालना कर राष्ट्रीय एकतना को भी सुदृढ रखना चाहिए ।

