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मैं प्रधानमन्त्री और पार्टी अध्यक्ष दोनों पद छोड़नेवाला नहीं हूं, आप लोगों को जो करना है, कर सकते हैंः ओली

 
केपीशर्मा ओली/फाईल तस्वीर

काठमांडू, ६ दिसम्बर । सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के अध्यक्ष एवं प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि वह पार्टी अध्यक्ष एवं प्रधानमन्त्री दोनों पद छोड़नेवाले नहीं है । प्रधानमन्त्री निवास बालुवाटार में शनिबार सम्पन्न पार्टी सचिवालय बैठक में बोलते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । बैठक में पार्टी अध्यक्ष द्वय केपीशर्मा ओली और पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड द्वारा पेश राजनीतिक प्रस्ताव के ऊपर विचार–विमर्श होने के बाद नेताओं ने जब स्थायी कमिटी बैठक की बात की तो प्रधानमन्त्री ओली आक्रोशित होते हुए कहा– ‘मुझे पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमन्त्री से हटना संभव नहीं है ।
इतना होते हुए भी आज आइतबार पार्टी स्थायी कमिटी बैठक बुलाने के लिए नेताओं के बीच सहमति बनी है । लेकिन प्रधानमन्त्री ओली इस बैठक के प्रति असन्तुष्ट हैं । उन्होंने कहा है कि जबरजस्त स्थायी कमिटी बुलाना ठीक नहीं है, इतरह का बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं हो सकता । प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि पार्टी कार्यकारी अध्यक्ष प्रचण्ड द्वारा पेश प्रस्ताव सिर्फ ‘आरोप–पत्र’ है, उसको वापस करना चाहिए । प्रधानमन्त्री ओली ने यह भी कहा है कि स्थायी कमिटी बैठक के लिए कोई एजेण्डा नहीं है और तयारी भी नहीं है ।
प्रधानमन्त्री ओली द्वारा व्यक्त उल्लेखित कथन पर पार्टी वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल ने आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमन्त्री ओली को लगता है कि आज भी आप खूद को ‘सुप्रिमो’ समझते हैं, गलती स्वीकार नहीं कर रहे हैं । नेता नेपाल को जवाफ देते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘कल (आइतबार) स्थायी कमिटी बैठक नहीं हो सकता ।’ तब पार्टी उपाध्यक्ष वामदेव गौतम ने पूछा– ‘क्यों नहीं हो सकता प्रधानमन्त्री जी, क्या आप को टाइम और तैयारी चाहिए ?’
जब इसतरह पार्टी पदाधिकारियों की ओर से प्रश्नों की प्रहार होने लगी तो प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘टाइम का मतलव क्या है ? अगर आप लोगों की इच्छा प्रधानमन्त्री और पार्टी अध्यक्ष पद से मुझे हटाना है तो यह संभव नहीं है । पार्टी महाधिवेशन तक मैं अध्यक्ष कायम ही रहूंगा और अगले चुनाव से पहले मैं प्रधानमन्त्री पद से हटनेवाला भी नहीं हूं । अगर आप लोगों को लगता है कि समस्या का समाधान यही है तो यह संभव नहीं है । आप लोगों को क्या करना है, कर सकते हैं ।’
अन्ततः प्रधानमन्त्री के इच्छा विपरित अन्य नेता आज अपरान्ह १ बजे स्थायी कमिटी बैठक आह्वान के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन प्रधानमन्त्री के इच्छा विपरित बैठक आयोजन होगी या नहीं, यह प्रतिक्षा का विषय है ।

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