अध्यक्ष प्रचण्ड से पूछे बिना ही प्रधानमन्त्री ओली द्वारा आइतबार के लिए संवैधानिक परिषद् बैठक तय
काठमांडू, ११ दिसम्बर । आगामी आइतबार संवैधानिक परिषद् बैठक होने जा रहा है । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली की पहल में आयोजित बैठक में प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा भी उपस्थित हो रहे हैं । लम्बे समय से रिक्त संवैधानिक निकाय में रिक्त पद–पुर्ति के खातिर परिषद् बैठक बुलाया गया है ।
यहां स्मरणीय बात यह है कि लम्बे समय से सत्ताधारी दल नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के दो शीर्ष नेता अर्थात् प्रधानमन्त्री भी रहे पार्टी अध्यक्ष केपीशर्मा ओली और दूसरे अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड के बीच मतभेद जारी है । ओली–प्रचण्ड की आपसी टकराव के कारण समग्र राजनीति तरंगीत हो रही है, साथ में सरकारी कामकारवाही भी प्रभावित है । ऐसी ही पृष्ठभूमि में प्रधानमन्त्री ने पार्टी अध्यक्ष प्रचण्ड से पूछे बिना ही संवैधानिक परिषद् बैठक बुलाया है ।
गत भाद्र २६ गते सम्पन्न नेकपा स्थायी समिति बैठक ने निर्णय किया है कि राष्ट्रीय तथा दीर्घकालीन महत्व के निर्णय और नियुक्ति से पहले प्रधानमन्त्री ओली को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड के साथ विचार–विमर्श करना होगा । आवश्यक पड़ने पर पार्टी के भीतर भी विचार–विमर्श करने के लिए स्थायी समिति बैठक ने प्रधानमन्त्री ओली को निर्देशन दिया है । लेकिन प्रधानमन्त्री ओली ने उक्त सहमति को अनदेखा करते हुए आइतबार के लिए बैठक तय किया है । संवैधानिक परिषद् बैठक के लिए प्रधानमन्त्री ओली ने बारबार पार्टी संसदीय दल के उपनेता सुवासचन्द्र नेम्वाङ को देउवा निवास बुढानिलकण्ड भेजा है ।
संवैधानिक प्रावधान के अनुसार संवैधानिक परिषद् में प्रधानमन्त्री, प्रधानन्यायाधीश, सभामुख, राष्ट्रीयसभा के अध्यक्ष, प्रतिनिधिसभा के प्रमुख प्रतिपक्षी दल के नेता, उप–सभामुख सदस्य रहेंगे । संवैधानिक निकाय के प्रमुख एवं पदाधिकारी नियुक्ति की जिम्मेदारी समिति को ही है । विशेषतः राजनीतिक बटवारे में ऐसे रिक्त पदों में पदपुर्ति करने की अभ्यास है । लेकिन इससे पहले तय कई संवैधानिक परिषद् बैठक में प्रमुख प्रतिपक्षी दल के नेता अनुपस्थित होते आ रहे हैं । जिसके चलते भी रिक्त पदों में पदपुर्ति नहीं हो पा रही है ।
आज के दिन राष्ट्रिय मानवअधिकार आयोग में अध्यक्ष और ४ आयुक्त, अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग में प्रमुख और २ आयुक्त, निर्वाचन आयोग में २ आयुक्त, राष्ट्रिय प्राकृतिक स्रोत तथा वित्त आयोग में ४ आयुक्त, राष्ट्रिय महिला आयोग में अध्यक्ष और ४ आयुक्त, राष्ट्रिय दलित आयोग में अध्यक्ष और ४ आयुक्त, समावेशी आयोग में अध्यक्ष और ३ आयुक्त, आदिवासी तथा जनजाति आयोग में अध्यक्ष और ४ आयुक्त, मधेसी आयोग में ४ आयुक्त, थारू आयोग में ४ आयुक्त और मुस्लिम आयोग में ४ आयुक्त का पद खाली है ।

