अरुण–३ परियोजना को तीव्रता देने के लिए सहमति
काठमांडू, १२ दिसम्बर । अरुण–३ जलविद्युत परियोजना को तीव्रता देने के लिए नेपाल–भारत सविच स्तरीय बैठक में सहमति बनी है । दो देशों के बीच ऊर्जा सहकार्य संबंधी विषयों को लेकर भीडियो कन्फ्रेन्स मार्फत सम्पन्न ८वें बैठक में ९०० मेगावाट की अरुण–३ परियोजना एवं ऊर्जा क्षेत्र में दो देशों के बीच जारी प्रगति विवरण, नेपाली ऊर्जा उत्पादन को भारतीय बाजार में पहुँच बिस्तार, उसके लिए आवश्यक नियमावली तथा निर्देशिका, इनर्जी बैंकिङ, अन्तरदेशीय प्रसारण लाइन का विकास जैसे विषयों में चर्चा और समीक्षा की गई ।
ऊर्जा के क्षेत्र में क्रियाशील दोनों देशों के अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा विकास के लिए दोनों देश नजदीक में रहकर समन्वय कर रहा है, फलस्वरुप ५ साल में उल्लेखनीय प्रगति हुई है । दक्षिण एसिया में ही प्रथम ४०० केभी क्षमता की अन्तरदेशीय मुजफ्फरपुर–ढल्केबर विद्युत प्रसारण लाइन का निर्माण भी सम्पन्न हो चुका है । इसीतरह ४०० केभी क्षमता की गोरखपुर–बुटवल प्रसारण लाइन के लिए वित्तिय मोडालिटी में सहमति बनी है । बैठक में सहभागी अधिकारियों का कहना है कि अब जल्द ही गोरखपुर–बुटवल परियोजना का निर्माण कार्य भी शुरु होनेवाला है । कहा गया है कि ९०० मेगावाट क्षमता की अरुण–३ जलविद्युत परियोजना निर्माण कार्य में भी उल्लेखनीय प्रगती हुई है । दोनों देशों के अधिकारी मिलकर विद्युत की अन्तरदेशीय व्यापार के लिए आवश्यक नियमन मोडालिटी को अंतिम स्वरुप देने की तैयारी है ।
बैठक में भारत की ओर से भारत सरकार के उर्जा सचिव संजीव नन्दन सहाय, नेपाल के लिए भारती राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के साथ–साथ विभिन्न मन्त्रालय तथा भारतीय राजदूतावास के अधिकारी, एनएचपीसी लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड जैसे संस्थाओं से १७ सदस्यीय टोली की सहभागिता रही । नेपाल की ओर से बैठक का नेतृत्व उर्जा सचिव दिनेश कुमार घिमिरे ने किया ।

