शिया हजारा समुदाय के ग्यारह लोगों के कत्लेआम की घटना से बलूचिस्तान में सरगर्मी
क्वेटा, एएनआइ।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के ग्यारह लोगों के कत्लेआम की घटना से बलूचिस्तान उबल रहा है। यहां लगातार तीन दिनों से हो रहे उग्र प्रदर्शन के बीच पीड़ितों के परिवारों ने मारे गए मजदूरों के शवों को दफनाने से इन्कार कर दिया। शवों को सड़क पर रखकर मांग की कि आतंकवादियों को गिरफ्तार करो या फिर सरकार इस्तीफा दे। इधर सैकड़ों की संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग धरने पर बैठ गए हैं और गृह मंत्री शेख राशिद भी धरना समाप्त नहीं करा सके।
शिया समुदाय के ग्यारह मजदूरों की गला काटकर हत्या की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने ली है। क्वेटा के मच्छ क्षेत्र की पहाड़ियों में आतंकवादियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। घटना में मारे गए मजदूरों के परिजनों ने का कहना है कि कुछ मजदूरों के परिवार में तो कोई पुरूष ही नहीं बचा है, तो कौन दफनाएगा।
शिया हजारा समुदाय के सैकड़ों लोग धरने पर बैठे
घटना स्थल के पास ही बाइपास मार्ग पर शिया हजारा समुदाय के सैकड़ों लोग धरने पर बैठ गए हैं। यहां बलूचिस्तान मजलिस वहादत-ए-मुसलमीन (एमडब्लूएम) के अध्यक्ष आगा रजा ने कहा है कि प्रांतीय सरकार के इस्तीफा दिए जाने के बाद ही हम धरना समाप्त करेंगे। इस मामले में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि बलूचिस्तान सरकार हजारा समुदाय के लोगों की रक्षा करने में विफल रही है। हम इससे परेशान हो गए हैं।

