चार दलों व्दारा चुनाव तिथि की घोषणा नही करने की सहमति ।
९ बैशाख, काठमाण्डू । यद्यपि दलों व्दारा बाहरी रुप से चुनाव की तिथि घोषणा करनी की माग की जा रही है लेकिन चार राजनीतिक दलों की उच्चस्तरीय समिति मे फिलहाल तिथि की घोषणा नही करने की नेताओं ने आन्तरिक सहमति की है ।
नेपाली कांग्रेस के सभापति सुशील कोइराला की अध्यक्षता मे आइतवार के साम मे हुइ उच्चस्तरीय राजनीतिक समिति की बैठक मे दलों के वीच तिथि की घोषणा के लिये जल्दवाजी नही करने की सहमति होने की स्रोत ने दाबी किया है ।
हलाकि एकीकृत नेकपा माओवादी व्दारा तत्काल चुनाव की तिथि घोषणा करने की माग की जा रही है लेकिन आइतवार की वैठक मे तिथि की घोषणा मे जल्दबाजी नही करने के प्रस्ताव मे उसने भी सहमति जनायी है ।
जल्दबाजी नही करने का तीन कारण ।
बैठक मे दलों व्दारा तीन कारण दिखा कर उसे हल करके ही चुनाव की तिथि घोषणा करने का स्रोत का दाबी है । । पहला कारणः चुनाव बहिस्कार करने का आन्दोलन कर रहे मोहन बैद्य और उपेन्द्र यादव लगायत अन्य समूहओं के साथ वार्ता करके कोइ निष्र्कष के साथ चुनाव की घोषणा की जाय यह दलों का निश्कर्ष है। वे लोग चुनाव मे भाग लेगें तो उसी अनुसार और अगर चुनाव ने भाग नही लेगें तो उसी अनुरुप रणनीति बनाकर समूहों के साथ वार्ता को निष्कर्ष मे पहुँचा कर मात्र चुनाव की तिथि घोषणा करने पर एमाओवादी भी सहमत हो गया है।
चुनाव की तिथि की घोषणा मे जल्दवाजी नही करने का दुसरा कारण मे मतदाता नामावली और नागरिकता का वितरण करके गावँ तक चुनाव का माहौल बनाने का दलों का निष्कर्ष है । इसलिये यह दोनो काम करके ही चुनाव की तिथि घोषणा करने का चार दलों के नेताओं ने सहमति की है ।
इसका तिसरा कारणः कार्तिक तथा मंसिर मे होने वाले चुनाव के लिये पर्याप्त समय होना भी है । कात्तिक वा मंसिर मे चुनाव के लिये अभी ७-८ महिना समय बाँकी है और सामान्यतया ६ महिना अगाडि चुनाव की तिथि घोषणा करने का अन्तराष्ट्रीय चलन नही होने के कारण भी दलों व्दारा तिथि की घोषणा को एक-डेढ महिना पिछे धकेल्ने की योजना बनाने का स्रोत ने दावी किया है ।

