दो महीने के बाद अलीबाबा डॉट कॉम के संस्थापक जैक मा सामने आए
जैक मा चीन की बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार अलीबाबा के संस्थापक हैं। जो पिछले दो महीने से सम्परर्क में नहीं थे । अलीबाबा के संस्थापक जैक मा चीन के मशहूर कारोबारी और अपने बोलने के लिए प्रसिद्ध हैं। वह कभी एक स्कूल में पढ़ाया करते थे और अब वह अरबपति कारोबारी हैं। अलीबाबा विश्व की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है, जिसके करोड़ों की संख्या में यूजर्स हैं। अलीबाबा का टर्नओवर भी अरबों में है। इसकी तीन मेन वेबसाइट टाउबाउ (Taobao), टीमॉल (Tmall) और अलीबाबा डॉट कॉम (Alibaba.com) है।
पिछले दो महीने से लापता चीन के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार अलीबाबा ग्रुप के मालिक जैक मा दुनिया के सामने आ गए हैं। अलीबाबा समूह पर चीनी शिकंजे के बाद से ही जैक मा लापता थे, जिसके बाद अटकलों का बाजार गर्म था कि चीनी सरकार ने उन्हें नजरबंद कर दिया है। मगर 20 जनवरी यानी बुधवार को एक वीडियो लिंक के जरिए ग्रामीण शिक्षकों के लिए एक सामाजिक कल्याण कार्यक्रम के दौरान वह पहली बार वर्चुअली दिखाई दिए। चीनी नियामक द्वारा अलीबाबा और एंट समूह पर शिकंजा कसने की कार्रवाई के बाद पहली बार जैक मा सार्वजनिक तौर पर सामने प्रकट हुए हैं।
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, अलीबाबा के संस्थापक जैक मा रूरल टीचर्स अवार्ड समारोह में शामिल हुए जो कि जैक मा फाउंडेशन द्वारा 2015 में शुरू किया गया था। इस वार्षिक कार्यक्रम में वीडियो के माध्यम से उन्होंने देशभर (चीन) के 100 ग्रामीण शिक्षकों के साथ मुलाकात की और वर्चुअल संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि जब कोरोना महामारी खत्म हो जाएगी तब हम फिर मिलेंगे।
दरअसल, शंघाई और हांगकांग में एंट की योजनाबद्ध दोहरी सूची से ठीक पहले चीनी वित्तीय नियामकों द्वारा 2 नवंबर को एंट मैनेजमेंट को समन जारी किया गया था। पिछले साल नवंबर में चीनी अधिकारियों ने जैक को बड़ा झटका देते हुए उनके एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस एक्शन के बाद जैक मा से कहा गया कि अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच पूरी होने तक चीन से बाहर न जाएं। इसके बाद से ही जैक मा सार्वजनिक दुनिया से गायब थे।

