भागीरथी भट्ट हत्याकांड : वेजाइनल स्वाब परीक्षण हेतु काठमांडू लाया गया
काठमांडू।
बैतडी के दोगडाकेदार नगर पालिका -7 में बलात्कार के बाद मार दी गई 17 साल की भागरथी भट्ट का योनि स्वैब परीक्षण के लिए काठमांडू लाया गया है।
जिला अस्पताल, बैतड़ी में पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों द्वारा निकाले गए स्वाब को महाराजगंज में केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में लाया जा रहा है। इस विश्वास के साथ परीक्षण के लिए सबूत भेजे जा रहे हैं कि इससे जांच में मदद मिलेगी।
बैतड़ी अस्पताल के एक डॉक्टर के अनुसार, एकत्र किए गए स्वैब से पहले वीर्य का परीक्षण किया जाता है। इससे पता चलता है कि ‘बलात्कार’ में शामिल व्यक्ति का वीर्य योनि में प्रवेश कर चुका है या नहीं।
यह परीक्षण यह भी दिखा सकता है कि घटना में एक या अधिक लोग शामिल हैं। फिर डीएनए परीक्षण का विकल्प है, डॉक्टरों का कहना है। कंचनपुर के निर्मला पंत की हत्या के मामले में डीएनए बेमेल होने के कारण अभियुक्त दिलीप सिंह बिस्सा को जेल से रिहा कर दिया गया था।
बुधवार को स्कूल से भट्ट शाम तक घर नहीं लौटी तब उनके परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। उसका शव गुरुवार सुबह सड़क से 50 मीटर नीचे झाड़ी में मिला। पुलिस को उसका मोबाइल फोन उसी जगह के पास मिला, जहां शव मिला था।
पुलिस कुछ विषयों को डिजिटल फोरेंसिक लैब में परीक्षण के लिए पुलिस मुख्यालय भेजने की तैयारी कर रही है। भट्ट के मोबाइल फोन में एक भारतीय सिम कार्ड पाया गया, जिससे वह भारत में अपने रिश्तेदारों से संपर्क करती थी।
जांच में शामिल एक अधिकारी ने कहा, “भारतीय सिम कार्ड की जांच उत्तराखंड पुलिस के साथ समन्वय में की जा रही है।”
पुलिस के अनुसार, अपराध स्थल से बरामद कपड़े भी परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। एसएसपी सिंह ने कहा, “मैनुअल के साथ-साथ हमने जांच के तकनीकी पहलुओं पर भी जोर दिया है। हमें जल्द ही नतीजे मिलने का भरोसा है।”
बैतड़ी पुलिस निरीक्षक जनक धामी के अनुसार, घटना के समय सड़क पर चलने वाले लोगों, वाहन मालिकों और भट्ट के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है।


