डा. भीमराव अम्बेडकर को लेकर विचार–विमर्श कार्यक्रम आयोजित
काठमांडू, १३ अप्रील । आज की दुनिया में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रासंगिकता पर एक विचार–विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । नेपाल स्थित भारतीय राजदूतावास ने काठमांडू विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कार्यक्रम को आयोजन किया ।
भारत की आजादी के ७५ साल पूरा होने के उपलक्ष्य में संचालित ‘इण्डिया७५ कार्यक्रम अन्तर्गत आयोजित विचार–विमर्श में विश्व विद्यालय के उपकुलपति डॉ. भोला थापा, स्कुल अफ ल के डिन डा. ऋषिकेश वाग्ले, काठमांडू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डा. उद्घव प्याकुरेल, भारतीय राजदूतावास के प्रेस, सूचना तथा संस्कृति प्रभाग के प्रथम सचिव श्री नवीन कुमार तथा प्राध्यापक डा. केदारनाथ शर्मा एवं काठमांडू विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सहभागीता रही ।

कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. भोला थापा ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को जाना जाता है और उन्होंने सीमान्तकृत वर्ग की उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान किया है । भारतीय दूतावास के प्रेस, सूचना तथा संस्कृति प्रभाग के प्रथम सचिव श्री नवीन कुमार ने छात्रों को ‘बाबा साहेब’ के आदर्शों पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया ।
इसीतरह डॉ. ऋषिकेश वाग ने कहा कि आधुनिक भारत निर्माण में और भारत की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रुपान्तरण में अंबेडकर की भूमिका विशेष है, इतना ही नहीं भारतीय संविधान निर्माण के लिए भी उन्होंने विशेष योगदान किया है । कार्यक्रम में स्वामी विवेकानन्द सांस्कृतिक केन्द्र के निर्देशक डॉ. केदारनाथ शर्मा और स्कूल के आर्ट्स के डीन प्राध्यापक डॉ. सागर राज शर्मा ने भी इस अवसर पर बात की और भारतीय समाज को बदलने में डॉ. अंबेडकर की भूमिका पर प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर बाबा साहेब अम्बेडकर पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मूक नायक’भी प्रदर्शित की गई ।

