जसपा ने किया तटस्थ रहने का निर्णय
काठमांडू, ९ मई । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) ने कहा है कि पार्टी की ओर प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को विश्वास का मत मिलनेवाला नहीं है । पार्टी अध्यक्ष महन्थ ठाकुर और वरिष्ठ नेता राजेन्द्र महतो ने प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली के साथ मिलकर ऐसा कहा है ।
कल सोमबार के लिए संघीय संसद् का विशेष अधिवेशन आह्वान है । अधिवेश में प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली विश्वास का मत ले रहे हैं । ऐसी ही पृष्ठभूमि में जसपा के शीर्ष नेताओं ने आइतबार प्रधानमन्त्री ओली से मिलकर कहा– ‘हम लोग विश्वास का मत नहीं दे सकते हैं, क्योंकि हमारे मांग अभी तक पूरा नहीं हुआ है ।’
आज सुबह जसपा नेता ठाकुर और महतो नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा से मिलने के लिए बुढानिलकण्ठ पहुँच गए थे, उसके बाद नेता द्वय ने प्रधानमन्त्री से मिलकर ऐसा कहा है । बताया गया है कि जसपा तटस्थ रहनेवाला है । जसपा नेताद्वय ठाकुर और महतो ने प्रधानमन्त्री को यह भी आश्वासन दिया है कि जसपा प्रधानमन्त्री के विपक्ष में भी मतदान करनेवाला नहीं है ।
स्मरणीय है, प्रधामन्त्री को प्रधानमन्त्री पद में बने रहने के लिए संसद् में कूल १३६ सांसदों का समर्थन आवश्यक है । प्रधानमन्त्री की अपनी पार्टी नेकपा एमाले के कूल १२१ सांसद् हैं, लेकिन वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल पक्षधर लगभग दो दर्जन सांसद प्रधानमन्त्री प्रति असंतुष्ट हैं । जिसके चलते प्रधानमन्त्री ओली को विश्वास का मत मिलने की संभावना कम है ।
लेकिन विपक्ष में भी पर्याप्त मत आने की संभावना कम है । विपक्ष में नेपाली कांग्रेस संबंद्ध ६१ और माओवादी केन्द्र संबंद्ध ४९ सांसदों का मत रहनेवाला है । ३२ सांसदों के साथ निर्णायक शक्ति में रहे जसपा ने तटस्थ रहने का निर्णय किया, जिसके चलते राजनीति और भी अस्थिर होने की संभावना दिखाई दे रही है ।
राजनीतिक वृत्त में यह भी चर्चा है कि आगामी मार्गशीर्ष महिना में संघीय संसद् का चुनाव होने की संभावना अधिक है, उसके लिए भी पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है ।

