बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू करने वाला कनाडा विश्व का पहला देश बना
टोरंटो (रॉयटर्स)।
विश्व में घातक हो रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए कनाडा ने इस जानलेवा महामारी से 12 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के जीवन को सुरक्षित करने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू किया है। इस तरह से बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू करने वाला कनाडा विश्व का पहला देश बन गया है। इनको फाइजर कंपनी की वैक्सीन लगाई जाएगी। आने वाले कुछ समय में जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक भी यूरोप में 12 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए वैक्सीन लॉन्च करने वाली है। अमेरिका ने भी बच्चों के लिए वैक्सीनेशन की इजाजत दे दी है।
कनाडा ने फाइजर की जिस कंपनी की वैक्सीन को बच्चों पर लगाने की इजाजत दी है उसको इस वायरस पर सौ फीसद कारगर बताया गया है। कंपनी ने इसकी शुरुआत में ट्रायल के दौरान करीब 2260 बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज दी थी। इसकी दूसरी डोज तीन सप्ताह के अंतराल पर दी थी। बच्चों को वैक्सीन की प्लाज्मा डोज दी गई थी, जो दरअसल वैक्सीन का अससल रूप नहीं होता है। इस ट्रायल में पता चला कि वैक्सीन सिप्टोमैटिक कोरोना मामलों में 100 फीसद तक कारगर है। फाइजर ने मार्च में 5-11 वर्ष की आयु के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया था। इसके अलावा कंपनी ने अप्रैल में 2-5 वर्ष के शिशुओं पर भी इसका ट्रायल शुरू किया है। कंपनी का कहना है कि उसको इसके बेहतर नतीजे मिले हैं।

