देश में राजसंस्था की अपरिहार्यता पुनः पुष्टी हो गई हैः राणा

काठमांडू, २२ मई । राष्ट्रीय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के अध्यक्ष पशुपति शमशेर जबरा ने कहा है कि राज्य की अभिभावक के रुप में नेपाल में राजसंस्था की अपरिहार्यता पुनः पुष्टी हो गई है । उन्होंने दावा किया है कि आधि रात में राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री मिलकर संविधान को जिसतरह मजाक बनाया गया है, उसके देखकर ही नेपाल में राजसंस्था की अपरिहार्यता पुष्टी हो जाती है ।
अध्यक्ष राणा ने एक ट्वीट करते हुए कहा है कि नेपाल में राजा सहित की प्रजातान्त्रिक मोडल की आवश्यकता है, इसके लिए अब बिगत में किए गए गलती को सुधार करना होगा । उन्होंने अपनी ट्वीट में कहा है– ‘राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री की मिलभगत में संविधान का पूर्ण अवमूल्यन हो गया है । राजनीतिक दलों से ऊपर रहनेवाला राष्ट्र प्रमुख, निष्पक्ष अभिभावक के रुप में शाह वंशीय राजसंस्था की अपरिहार्यता पुनः पुष्टी हो गई है ।’
अध्यक्ष राणा ने अगो कहा है– ‘विश्व में सफल प्रजातान्त्रिक अभ्यास के अनुसरण कर राजा सहित की प्रजातान्त्रिक व्यवस्था की अनुशरण कर गलती को सुधार करना चाहिए, इसका विकल्प नहीं है ।’ उन्होंने यह भी कहा है कि चुनाव प्रजातान्त्रिक अभ्यास है, लेकिन कुर्सी बचाने के लिए जनता की जीवन के ऊपर जो खेलवाड हो रहा है? वह अमानवीयता की पराकाष्ठा है ।

