Tue. May 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

एक ऐसा राजा जिसके साथ रहने वाली औरत बीवी का दर्जा तब पाती है, जब वो गर्भवती हो जाए

 

दुनिया में स्वाजीलैंड शायद अकेला देश बचा है, जहां पूरी तरह राजशाही सत्ता लागू है. हाल ही में यहां के राजा मस्वति तृतीय ने देश का नाम बदलकर किंगडम ईस्वातिनि रख दिया है. यहां के 53 साल के राजा की 15 बीवियां हैं, जिसमें एक का निधन हो चुका है. साथ ही कई संगिनी भी. यहां कोई भी महिला तभी राजा की बीवी का दर्जा पाती है, जब वो गर्भवती हो जाए, अगर ऐसा नहीं होता तो फिर वो संगिनी की जमात में शामिल हो जाती है.

 इस देश के लोग राजा पर लगातार ये आरोप लगते रहे हैं कि वे खुद बेहद शानो-शौकत से रहते हैं जबकि उनके देश में एक बड़ी आबादी बेहद गरीब है. यहां 63 फीसदी आबादी की रोज की आमदनी मुश्किल से 100 रुपए है. आलोचनाओं के बाद भी राजा पर कोई ज्यादा असर पड़ता नहीं. वैसे चलते चलते आपको ये भी बता दें कि इस राजा का जो पिता था, उसकी भी 125 रानियां थीं.

स्वाजीलैंड अफ्रीका महाद्वीप में दक्षिण अफ्रीका से सटा हुआ है. राजा की पढ़ाई विदेश में हुई है. स्वाजीलैंड गरीब देश है लेकिन वहां का राजा हमेशा अपनी लग्जरी लाइफ और शाहखर्ची के कारण चर्चा में रहता आया है. आमतौर पर माना जाता है कि अगर किसी महिला पर उसका दिल आ गया तो वो पूरी कोशिश करता है कि उसको राजसी गांव में ले आए. स्वाजीलैंड अफ्रीका महाद्वीप में दक्षिण अफ्रीका से सटा हुआ है. राजा की पढ़ाई विदेश में हुई है. स्वाजीलैंड गरीब देश है लेकिन वहां का राजा हमेशा अपनी लग्जरी लाइफ और शाहखर्ची के कारण चर्चा में रहता आया है. आमतौर पर माना जाता है कि अगर किसी महिला पर उसका दिल आ गया तो वो पूरी कोशिश करता है कि उसको राजसी गांव में ले आए.

 पिछले साल देश की कई युवतियों ने इसका विरोध किया था. कई लड़कियों ने इस परेड में हिस्सा लेने मना कर दिया था, लेकिन राजा की जानकारी में इस बात के आने बाद उन लड़कियों के परिवारों को कॉफी जुर्माना देना पड़ा. वैसे राजा हर साल अपनी दो बीवियों को नेशनल काउंसलर बनाकर उन्हें संसद में शामिल करता है. इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है.

स्वाजीलैंड के राजा मस्वति तृतीय के 35 बच्चे हैं. उसकी हर रानी शानोशौकत के साथ अलग आलीशान बंगलों या महलों में रहती हैं. उनकी लग्जरी लाइफ के लिए मोटा खर्चा देश के बजट में मुहैया कराया जाता है. स्वाजीलैंड के राजा मस्वति तृतीय के 35 बच्चे हैं. उसकी हर रानी शानोशौकत के साथ अलग आलीशान बंगलों या महलों में रहती हैं. उनकी लग्जरी लाइफ के लिए मोटा खर्चा देश के बजट में मुहैया कराया जाता है.

यह भी पढें   मैं सभी को एक साथ लेकर चलना चाहता हूँ – गगन थापा

 स्वाजीलैंड के राजा मस्वति तृतीय के 35 बच्चे हैं. उसकी हर रानी शानोशौकत के साथ अलग आलीशान बंगलों या महलों में रहती हैं. उनकी लग्जरी लाइफ के लिए मोटा खर्चा देश के बजट में मुहैया कराया जाता है.
स्वाजीलैंड के राजा मस्वति तृतीय के 35 बच्चे हैं. उसकी हर रानी शानोशौकत के साथ अलग आलीशान बंगलों या महलों में रहती हैं. उनकी लग्जरी लाइफ के लिए मोटा खर्चा देश के बजट में मुहैया कराया जाता है.

राजा पर एक लड़की को स्कूल से उठवाकर उससे शादी करने का आरोप लग चुका है. इसकी शिकायत एमनेस्टी इंटरनेशनल तक हुई. वाकया ये था कि 18 की साल की एक हाईस्कूल गर्ल अक्टूबर 2002 में लापता हो गई. उसका नाम जेना महालांगू था. मां ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि उनकी बेटी रायल विलेज में है और उसे राजा की अगली बीवी बनाने की तैयारी चल रही है.
राजा पर एक लड़की को स्कूल से उठवाकर उससे शादी करने का आरोप लग चुका है. इसकी शिकायत एमनेस्टी इंटरनेशनल तक हुई. वाकया ये था कि 18 की साल की एक हाईस्कूल गर्ल अक्टूबर 2002 में लापता हो गई. उसका नाम जेना महालांगू था. मां ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि उनकी बेटी रायल विलेज में है और उसे राजा की अगली बीवी बनाने की तैयारी चल रही है.

 राजा पर एक लड़की को स्कूल से उठवाकर उससे शादी करने का आरोप लग चुका है. इसकी शिकायत एमनेस्टी इंटरनेशनल तक हुई. वाकया ये था कि 18 की साल की एक हाईस्कूल गर्ल अक्टूबर 2002 में लापता हो गई. उसका नाम जेना महालांगू था. मां ने पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि उनकी बेटी रायल विलेज में है और उसे राजा की अगली बीवी बनाने की तैयारी चल रही है.

मां अड़ गई कि उसे उसकी बेटी वापस की जाए. उसने मुकदमा कर दिया. लेकिन फैसला राजा के हक में हुआ, क्योंकि वो तब तक दो बच्चों की मां बन चुकी थी. वर्ष 2010 में उसे रानी का दर्जा मिल गया. इस मामले की शिकायत एमनेस्टी में हुई. एमनेस्टी ने तब साफ कहा कि राजा और उसके लोगों ने महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकार का हनन किया है. मां अड़ गई कि उसे उसकी बेटी वापस की जाए. उसने मुकदमा कर दिया. लेकिन फैसला राजा के हक में हुआ, क्योंकि वो तब तक दो बच्चों की मां बन चुकी थी. वर्ष 2010 में उसे रानी का दर्जा मिल गया. इस मामले की शिकायत एमनेस्टी में हुई. एमनेस्टी ने तब साफ कहा कि राजा और उसके लोगों ने महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकार का हनन किया है.
इस देश में करीब सितंबर माह के इर्द-गिर्द में यहां राजा देश की सभी कुंवारी लड़कियों की एक परेड कराता है. इसमें लड़कियों को टॉपलेस रखा जाता है. इसमें जिस भी लड़की को राजा चाहता है, उसे अपने रनिवास में ले जाता है. हालांकि इसकी बहुत आलोचना भी अब देश में होने लगी है. राजा की 15 बीवियां के अलावा माना जाता है कि काफी संगिनियां हैं. इस देश में करीब सितंबर माह के इर्द-गिर्द में यहां राजा देश की सभी कुंवारी लड़कियों की एक परेड कराता है. इसमें लड़कियों को टॉपलेस रखा जाता है. इसमें जिस भी लड़की को राजा चाहता है, उसे अपने रनिवास में ले जाता है. हालांकि इसकी बहुत आलोचना भी अब देश में होने लगी है. राजा की 15 बीवियां के अलावा माना जाता है कि काफी संगिनियां हैं.

यह भी पढें   बाँके के पुरैनी में निःशुल्क आँख तथा स्वास्थ्य शिविर में ३९३ लोग लाभान्वित

पिछले साल देश की कई युवतियों ने इसका विरोध किया था. कई लड़कियों ने इस परेड में हिस्सा लेने मना कर दिया था, लेकिन राजा की जानकारी में इस बात के आने बाद उन लड़कियों के परिवारों को कॉफी जुर्माना देना पड़ा. वैसे राजा हर साल अपनी दो बीवियों को नेशनल काउंसलर बनाकर उन्हें संसद में शामिल करता है. इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है. पिछले साल देश की कई युवतियों ने इसका विरोध किया था. कई लड़कियों ने इस परेड में हिस्सा लेने मना कर दिया था, लेकिन राजा की जानकारी में इस बात के आने बाद उन लड़कियों के परिवारों को कॉफी जुर्माना देना पड़ा. वैसे राजा हर साल अपनी दो बीवियों को नेशनल काउंसलर बनाकर उन्हें संसद में शामिल करता है. इसकी प्रक्रिया काफी जटिल है.
इस देश के लोग राजा पर लगातार ये आरोप लगते रहे हैं कि वे खुद बेहद शानो-शौकत से रहते हैं जबकि उनके देश में एक बड़ी आबादी बेहद गरीब है. यहां 63 फीसदी आबादी की रोज की आमदनी मुश्किल से 100 रुपए है. आलोचनाओं के बाद भी राजा पर कोई ज्यादा असर पड़ता नहीं. वैसे चलते चलते आपको ये भी बता दें कि इस राजा का जो पिता था, उसकी भी 125 रानियां थीं. इस देश के लोग राजा पर लगातार ये आरोप लगते रहे हैं कि वे खुद बेहद शानो-शौकत से रहते हैं जबकि उनके देश में एक बड़ी आबादी बेहद गरीब है. यहां 63 फीसदी आबादी की रोज की आमदनी मुश्किल से 100 रुपए है. आलोचनाओं के बाद भी राजा पर कोई ज्यादा असर पड़ता नहीं. वैसे चलते चलते आपको ये भी बता दें कि इस राजा का जो पिता था, उसकी भी 125 रानियां थीं.

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *