प्रदेश नं. २ में कांग्रेस के साथ सत्ता–सहकार्य के लिए विचार–विमर्श शुरु, मुख्यमन्त्री भी परिवर्तन की चर्चा !

जनकपुरधाम, ४ जून । जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) में राजनीतिक विभाजन आते ही प्रदेश नं. २ में सरकार परिवर्तन संबंधी चर्चा शुरु होने लगी है । ऐसी ही अवस्था में जसपा के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने प्रदेश नं. २ में नेपाली कांग्रेस के साथ सत्ता सहकार्य के लिए विचार–विमर्श शुरु किया है । आज (शुक्रबार) अध्यक्ष यादव ने कांग्रेस उप–सभापति विमलेन्द्र निधि के साथ मिलकर सत्ता–सहकार्य के लिए प्रस्ताव किया है ।
उप–सभापति निधि निकट स्रोत का कहना है कि अध्यक्ष यादव ने कांग्रेस को प्रदेश नं. २ की सरकार में तत्काल सहभागी होने के लिए आग्रह किया था । लेकिन निधि ने कहा है कि प्रस्ताव को सकारात्मक रुप में लिया जाएगा, लेकिन इसके संबंध में अधिक विचार–विमर्श की जरुरत है । प्राप्त सूचना अनुसार निधि ने कांग्रेस को मुख्यमन्त्री मांग करते हुए अधिक विचार–विमर्श के लिए कहा है । लेकिन अध्यक्ष यादव मुख्यमन्त्री देने के लिए अनिच्छुक हैं । जिसके चलते शुक्रबार सम्पन्न भेटवार्ता बिना निश्कर्ष ही समाप्त हो गया है ।
स्मरणीय है, प्रदेश नं. २ में कूल १०७ सदस्य हैं । इसमें से ५५ प्रदेशसभा सदस्य जसपा संबंद्ध हैं । और इसमें भी उपेनद्र यादव पक्षधर प्रदेश सदस्यों की संख्या ३० है, बाँकी दूसरे अध्यक्ष महन्थ ठाकुर के पक्षधर हैं । इसीतरह प्रदेशसभा में एमाले के २१, माओवादी केन्द्र के ११ सदस्य हैं । जसपा राजनीतिक रुप में विभाजित हो जाने के कारण यहां नयाँ सत्ता समीकरण की चर्चा है । नयां सरकार निर्माण के लिए कूल ५३ सांसदों की आवश्यकता है ।
केन्द्र में नेपाली कांग्रेस के सभापति शेरबहादुर देउवा को प्रधानमन्त्री बनाने के लिए जसपा के यादव पक्षधर नेताओं ने हस्ताक्षर किया है । लेकिन ठाकुर पक्षधर ने प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली को ही समर्थन दिया है । जिसका असर प्रदेश नं. २ में भी पड़ रहा है । बताया जाता है कि प्रदेश नं. २ में कांग्रेस सरकार में जाने के लिए तैयार है । लेकिन मुख्यमन्त्री परिवर्तन संबंधी विषय में सहमति नहीं बनी है ।

