नेपालगन्ज के उर्दु साहित्यकार,सायर मोहम्मद उमर असर का निधन
नेपालगन्ज, पवन जायसवाल
नेपालगन्ज के उर्दु साहित्यकार एवं गजल के पुराने सायर मोहम्मद उमर असर का श्रावण ७ गते सोमबार को निधन हो गया है । उनका ७५ बर्ष के उमर में निधन हुआ है ।
नेपालगन्ज–८ निवासी मोहम्मद उमर असर का जन्म संवत १९९८ साल में हुआ था । एक वर्ष से अस्वस्थ रहते आए असर के निधन होने से उर्दू साहित्य जगत में बहुत बडी क्षति पहुँची है । उर्दू तथा नेपाली भाषी, अवधी भाषी, हिन्दी भाषी साहित्यकारों, नजदीक के रिस्तेदार, पडोसी लगायत लोगों की उपस्थिति में सोमबार को ही अपरान्ह इस्लामिक परम्परा अनुसार नेपालगन्ज के गौसिया स्थित कब्रस्तान में असर का अन्तिम दाहसंस्कार किया गया ।
उर्दू साहित्य में एकदम पुराने पुस्ता का निधन होते जाने से शेरोसायरीओं का इतिहास ही समाप्त हो जाने में देखाई पड रहा है बडे बूढों लोगों ने चिन्ता करते आ रहे है असर खजाने सिलाई मास्टर के नाम से भी प्रचित थे गुल्जार–ए–अदब बाँके नेपालगन्ज के सचिव मो. मुस्तफा अहसन कुरेशी ने बताया ।

