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मधेश बचाने की लडाई है : महतो, संजय साह सदभावना मे प्रवेश

 

rajendra mahatoकैलास दास , जनकपुर, । संविधानसभा का निर्वाचन नजदीक आ रहा है । इस समय मधेशी दल के नेता मधेश के विभिन्न जिला मे विभिन्न कार्यक्रम का आयोजना कर रहे है ।अगर देखा जाय तो इस चुनाव मे मधेश से मधेशी दलों को कितनी सीटे मिलेंगे यह कहना कठिन दिख रहा है । मधेशी नेतागण दल को मजबुत करने का अभियान अन्तर्गत ही सद्भावना पार्टी राजेन्द्र महतो समूह जनकपुर मे बुधवार को पार्टी प्रवेश कार्यक्रम रखा था ।
पार्टी प्रवेश कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि राजेन्द्र महतो ने इस अवसर पर कहा कि नेपाल सद्भावना पार्टी विगत २२ वर्षो से मधेशी जनता के लिए काम करती आ रही है । आज हम मधेशी जनता से अपनी मजदुरी माँगने आये है । अगर मधेशी जनता काम का सही मजदुरी देगा तो मधेश एक प्रदेश की जो सपना मधेशीयों की है वह जल्द पुरा होगा । सद्भावना पार्टी आज से नही विगत २२ वर्षे से मधेशी के अधिकार की लडाई लडती आ रही है । परन्तु अब की लडाई मधेश मुक्ति की लडाई है । शोषित, पीडित एवं दलितो की अधिकार की लडाई है । मधेश बचाने की लडाई है, और यह लडाई तभी सम्भव होगा जब मधेशी जनता इसे शक्तिशाली पार्टी बनाऐगा तब।
बुधवार जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ मे आयोजित पार्टी प्रवेश कार्यक्रम मे उन्होने कहा कि हम चाहते है कि मधेशी पार्टी संगठित होकर शक्तिशाली बने और खस पहाडी शासक से अधिकार की लडाई लडे ।
कार्यक्रम मे मधेशी जनअधिकार फोरम लोकतान्त्रि पार्टी परित्याग कर सद्भावना पार्टी मे प्रवेश किए पूर्व राज्य मन्त्री एवं पूर्व सभासद संजय कुमार साह ने कहा कि १८ वर्ष से ही हम मधेश मुक्ति की लडाई लडते आ रहे है । मधेश आन्दोलन मे आने का हमे एक ही मकसद था मधेश मुक्ति । हम राजनीति करना नही चाहते थे, हमारा लक्ष्य था मधेश मुक्ति । लेकिन मुझे आज महसुस हो रहा है कि मधेश मुक्ति के नाम पर मधेशी जनअधिकार फोरम नेपाल गठन होना बहुत बडी भूल थी । मधेश मुक्ति के लडाई के लिए सद्भावना पार्टी मे रहकर भी कर सकते थे । मुझे सद्भावना का प्रत्येक विचार अच्छा लगा लेकिन राजनीतिक जितनी ज्ञान होनी चाहिए नही होने के कारण हम भटक चुके थे उन्होने कहा ।
फोरम नेपाल से फोरम लोकतान्त्रिक और उसके बाद स्वयं गठन करने वाले क्रान्तिकारी फोरम के साह कुछ ही दिन पहले लोकतान्त्रिक मे प्रवेश किये  थे । आज पुनः सद्भावना पार्टी मे प्रवेश करते हुए उन्होने कहा कि हमारी उम्र अभी ३६ वर्ष की है ४७ वर्ष के बाद अगर मधेश को मुक्ति नही हुआ तो हम सशस्त्र आन्दोलन करेगें । उन्होने यह भी कहा कि मधेश के मुद्दा पर किसी भी प्रकार के राजनीति नही करेगें । मधेश मुद्दा पर अगर राजनीति हुई तो हम सद्भावना पार्टी भी त्याग कर सकते है ।
पूर्व मन्त्री साह ने दावा किया है कि धनुषा क्षेत्र नं. १ से ७ तक सद्भावना पार्टी के कब्जे मे होगा । हम क्रान्तिकारी विचारधारा के है और मधेश मुक्ति के लिए क्रान्तिकारी युवाओं की आवश्यकता है उन्होने कहाँ ।
पार्टी प्रवेश कार्यक्रम मे केन्द्रिय सदस्य संजय कुमार गुप्ता, रमण पाण्डे, विजयकान्त ठाकुर, केन्द्रिय नेता राजीव झा, कामेश्वर झा, नवप्रवेशिका जगदीश महासेठ, केन्द्रिय कोषाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह सहित का वक्ताओं ने बोला था ।

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