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मन्त्री श्रेष्ठ के विरुद्ध सर्वोच्च में जातीय विभेद संबंधी मुद्दा पंजीकृत, तत्काल बर्खास्त करने के लिए मांग

 
कृष्णगोपाल श्रेष्ठ, फाईल तस्वीर

काठमांडू, ४ जुलाई । शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मंत्री कृष्णगोपाल श्रेष्ठ के विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में जातीय भेदभाव तथा छुवाछुत संबंधी मुद्दा पंजीकृत की गई है । संचारकर्मी रुपा सुनार द्वारा दायर रिट में कहा गया है कि उनको तत्काल मन्त्री पद से बरखास्त करना चाहिए ।
सुनार ने अपने रिट निवेदन में कहा है कि मन्त्री श्रेष्ठ ने अपनी पदीय दायित्व और सरकारी स्रोत का दुरुपयोग करते हुए संविधान तथा कानून के विरुद्ध जाकर जातीय भेदभाव किया है, जो गम्भीर मुद्दा है । संचारकर्मी सुनार का कहना है कि मन्त्री श्रेष्ठ के विरुद्ध जातीय छुवाछुत तथा अन्य सामाजिक भेदभाव (कसुर और सजाय) ऐन २०६८ अनुसार कारवाही होनी चाहिए ।
स्मरणीय है, संचारकर्मी सुनार वही है, जिन्होंने काठमांडू अनामनगर निवासी सरस्वती प्रधान के विरुद्ध जातीय विभेद संबंधी मुद्दा पंजीकृत की थी । उसके बाद पुलिस ने प्रधान को गिरफ्तार किया था । पुलिस हिरासत में रही प्रधान को छुटाने के लिए मन्त्री श्रेष्ठ खूद सरकार गाडी लेकर पुलिस कार्यालय पहुँच गए थे । संचारकर्मी सुनार ने मन्त्री श्रेष्ठ के उक्त हरकत विरुद्ध पुलिस वृत्त सिंहदरबार में जोहेरी पंजीकृत करने की कोशीश की थी, लेकिन पुलिस ने जाहेरी लेने से अस्वीकार किया, तब जाकर वह सर्वोच्च अदालत पहुँची है ।
रिट में मन्त्री श्रेष्ठ, जिला सरकारी वकिल कार्यालय काठमांडू, पुलिस वृत्त सिंहदरबार और घरधनी सरस्वती प्रधान को विपक्षी बनाया गया है ।

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