Sun. Jun 7th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारत में जल्द ही लगाई जाएगी बच्चों को कोरोना की वैक्सिन

 

दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन बच्चों पर ट्रायल कर रहा है और सितंबर तक इसके नतीजे आने की उम्मीद है। कोवैक्सीन की दूसरी खुराक अगले सप्ताह ट्रायल्स में 2 से 6 साल के बच्चों को दी जा सकती है। दिल्ली एम्स में 6-12 साल की उम्र के बच्चों को कोवैक्सीन की दूसरी खुराक पहले ही दी जा चुकी है। जल्द ही इसका डेटा सामने आ जाएगा।

यह भी पढें   जनकपुरधाम से अयोध्या तक जल्द ही शुरू रेल सेवा होगी -महाप्रबंधक

जाइडस कैडिला: जाइडस कैडिला ने 12 से 18 साल के बच्चों के लिए अपने डीएनए-आधारित कोविड -19 टीके ZyCoV-D का क्लीनिकल ट्रायल पूरा कर लिया है और जल्द ही यह भारत मे उपलब्ध हो सकता है. भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंडर सचिव सत्येंद्र सिंह ने 15 जुलाई को एक हलफनामे में कहा, “यह सब्मिट किया गया है कि डीएनए वैक्सीन विकसित करने वाली जाइडस कैडिला ने 12-18 साल के बच्चों के लिए अपना क्लीनिकल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और भविष्य में 12 से 18 साल के बच्चों के लिए उपलब्ध हो सकती है।

यह भी पढें   एडीबी के सहयोग से बनने वाली सड़क परियोजना के लिए नेपाली, भारतीय और चीनी निर्माण कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा

फाइजर: डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर भारत फाइजर-बायोएनटेक के टीके को हरी झंडी दिखा देता है तो वह बच्चों के लिए भी एक ऑपश्न हो सकता है। बता दें कि अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी मॉडर्ना और फाइजर भारत को अपने कोविड 19 टीकों की सप्लाई करने से पहले इंडेम्निटी क्लॉज(क्षतिपूर्ति )पर जोर दे रहे हैं।

मॉडर्ना: यूरोप में शुक्रवार को 12 से 17 साल के बच्चों के लिए मॉडर्ना के कोरोनावायरस वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल गई, हालांकि यह देखने वाली बात है कि यह वैक्सीन भारत आती है या नहीं, और अगर आती है तो बच्चों को या टीका कब तक मिल पाएगा।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *