Sun. May 31st, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

पर्सा शिक्षा कार्यालय की रजामन्दी में ब्रह्मलूट

 

अनिल तिवारी : पर्सा  में करीब २० हजार निरक्षर को साक्षर बनाने के लक्ष्य के साथ सञ्चालित ‘साक्षर पर्सर्ााअभियान ब्रहृमलूट का अभियान साबित हुआ है। जिला शिक्षा कार्यालय और सामाजिक संघ-संस्था के नेता ने साक्षरता अभियान को कागज तक ही सीमित रख कर करीब ६३ लाख रपैया का दुरुपयोग किया है। सदरमुकाम वीरगंज और ३२ गाविस में साक्षरता कक्षा सञ्चालन के लिए सामाजिक संघ-संस्थाओं से शिक्षा कार्यालय ने सम्झौता किया था। मगर अनुगमन के दौरान पता चला है कि ८० प्रतिशत से ज्यादा जगहों में कार्यक्रम सिर्फकागज में सीमित है।
शिक्षा कार्यालय पर्सर्ााे वैशाख से तीन महिने के लिए अभियान सञ्चालन करते हुए १५ से ६० वर्षतक की उमर के कूल १८ हजार ५ सौ लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन मुश्किल से एक हजार लोग साक्षर हुए हैं, ऐसा अनुमान है। शिक्षा मन्त्रालय ने पर्सर्ााें इस अभियान के लिए पारिश्रमिक स्वरूप ३८ लाख ८८ हजार और स्टेशनरी तथा पाठ्यपुस्तक के लिए २३ लाख ८६ हजार ५ सौ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया था।
इस सर्न्दर्भ में अनुसन्धान करते समय वीरगन्ज-१२ में अवस्थित अशोक वाटिका टोल निवासी चन्द्रावती देवी ने कहा- ‘वैसी कोई कक्षा यहाँ सञ्चालित नहीं है।’ लेकिन साझेदार संस्था तर्राई निजी वन उपभोक्ता संघ के सामाजिक कार्यकर्ता दीपेन्द्र यादव ने दिन में तीन बार साक्षरता कक्षा सञ्चालन होने का दावा किया। लेकिन पता लगाने पर दीपेन्द्र का कहना सरासर निराधार साबित हुआ। महिला कल्याण संस्था के अध्यक्ष सरोज न्यौपाने ने वडा नं. ७ में अवस्थित समिति कार्यालय में अपरान्ह ४ बजे के बाद कक्षा सञ्चालन होने की बात कही। वहीं पास में वीरगन्ज फिजिकल फिटनेस सेन्टर के प्रशिक्षक सुनील यादव ने कहा- सिर्फसमिति में ही नहीं किसी भी जगह में साक्षरता कक्षा सञ्चालन नहीं हो रही है। १४० लोगों को अध्यापन कराने के समझौते अर्न्तर्गत आदर्श जनसेवा युवा क्लब ने वडा नं. ९ में मेरिगोल्ड मावि में दो शिक्षिकाओं के सहयोग में सञ्चालित कक्षा में सिर्फ२५ छात्र अध्ययन कर रहे थे। उसी तरह वडा नं. १० में ३२० लोगों को पढÞाने का समझौता हुआ था। लेकिन वैसी कोई कक्षा वहां सञ्चालित नहीं मिली। नगर के अन्य वार्ड में भी इस बारे में जानकारी लेने पर सकारात्मक जानकारी कही नहीं मिली। लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय पर्सर्ााे अधिकारी हर्रि्रसाद वस्ती कहते हैं- ‘समूचे देश में साक्षरता अभियान असफल है, फिर भी पर्सर्ााजला में कुछ तो हो रहा है।’
प्रकृति तथा मानव विकास केन्द्र के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया- साक्षरता अभियान अर्न्तर्गत सामाजिक कार्यकर्ता के कोटे में से ५० प्रतिशत शिक्षा कार्यालय के कर्मचारी के अपने लोग होते हैं। और वे कक्षा लेते नहीं सिर्फअपने नातेदार लोगों को उस में भर्ना कर फर्जी कागज तयार करके खुल्लम-खुल्ला भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed