Thu. Jun 25th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

प्रेम के धागे को मजबूत करने का नाम है- तीज

 

teej-1सावन का महीना प्रेम और उत्साह का महीना माना जाता है। इस महीने में नई-नवेली दुल्हन अपने मायके जाकर झूला झूलती हैं और सखियों से अपने पिया और उनके प्रेम की बातें करती हैं।

प्रेम के धागे को मजबूत करने के लिए इस महीने में कई त्योहार मनाये जाते हैं इन्हीं में से एक त्योहार है हरियाली तीज। यह त्योहार हर साल सावन शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। इस वर्ष यह 9 अगस्त को मनाया जा रहा है।

यह भी पढें   रास्वपा के महाधिवेशन प्रस्तावों पर हृदेश त्रिपाठी का तीखा हमला

हरियाली तीज की कथा
इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की थी उससे प्रसन्न होकर शिव ने हरियाली तीज के दिन ही पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।

इस त्योहार के विषय में मान्यता है कि इससे सुहाग की उम्र लंबी होती है। कुंवारी कन्याओं को इस व्रत से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

महत्व हरे रंग का
इस त्योहार में हरी चूड़ियां, हरा वस्त्र और मेंहदी का विशेष महत्व है। मेंहदी सुहाग का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेंहदी जरूर लगाती है। इसकी शीतल तासीर प्रेम और उमंग को संतुलन प्रदान करने का भी काम करती है।

यह भी पढें   जयप्रकाश आनन्द द्वारा नेपाल की राजनीति और न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न

ऐसा माना जाता है कि सावन में काम की भावना बढ़ जाती है। मेंहदी इस भावना को नियंत्रित करता है। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की मदद करता है।

परिवार की खुशहाली
सावन में पड़ने वाली फुहारों से प्रकृति में हरियाली छा जाती है। सुहागन स्त्रियां प्रकृति की इसी हरियाली को अपने ऊपर समेट लेती हैं। इस मौके पर नई-नवेली दुल्हन को सास उपहार भेजकर आशीर्वाद देती है।

यह भी पढें   रास्वपा के महाधिवेशन प्रस्तावों पर हृदेश त्रिपाठी का तीखा हमला

कुल मिलाकर इस त्योहार का आशय यह है कि सावन की फुहारें की तरह सुहागनें प्रेम की फुहारों से अपने परिवार को खुशहाली प्रदान करेगी और वंश को आगे बढ़ाएगी।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *