Tue. Oct 6th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

तालिबान ने महिलाओं के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए बरसाईं गोलियां

 


महिला अधिकारों को लेकर उदार बनने का दावा करने वाले तालिबान ने अपना महिला विरोधी रंग दिखाना शुरू कर दिया है। तालिबान के विशेष बलों ने शनिवार को हवा में गोलीबारी की जिससे नए शासकों से समान अधिकारों की मांग कर रहीं अफगान महिलाओं की तरफ से राजधानी में निकाला जा रहा विरोध मार्च अचानक से रोक दिया गया। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं की तस्वीरें भी शेयर की जा रही हैं, जिनमें उनके चेहरे तक पर चोट के निशान दिख रहे हैं।

यह भी पढें   ७१ वीं प्रहरी दिवस के अवसर पर लुम्बिनी प्रदेश प्रहरी अस्पतालद्वारा रक्तदान आयोजन 

तालिबान लड़ाकों ने पिछले महीने अफगानिस्तान के अधिकतर हिस्से पर कब्जा कर लिया था और उन्होंने 20 साल तक संघर्ष के बाद अमेरिकी बलों की यहां से पूरी तरह वापसी का जश्न मनाया।

काबुल में पिछले कुछ दिन में दूसरी बार महिलाओं के मार्च की शांतिपूर्ण तरीके से शुरुआत हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति पैलेस की ओर मार्च करने से पहले अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बाहर उन अफगान जवानों को श्रद्धांजलि दी जो तालिबान से लड़ते हुए मारे गए।

यह भी पढें   एभरेस्ट बैंक लिमिटेड और नई दिल्ली स्थित मेदांता अस्पताल के साथ समझौता

प्रदर्शनकारी मरियम नैबी ने कहा, ‘हम यहां अफगानिस्तान में मानवाधिकार हासिल करने आये हैं। मैं अपने वतन से मुहब्बत करती हूं। मैं हमेशा यहीं रहूंगी। जैसे ही प्रदर्शनकारी महिलाएं राष्ट्रपति पैलेस तक पहुंचीं, एक दर्जन तालिबान लड़ाके भीड़ में घुस आए और हवा में गोलीबारी करने लगे जिससे महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। कबीरी नाम की महिला ने बताया कि तालिबान लड़ाकों ने आंसूगैस के गोले भी छोड़े।

तालिबान ने 1996 से 2001 तक अपने पिछले शासन की तुलना में इस बार अधिक नरम इस्लामी शासन और समावेशी सरकार का वादा किया है। लेकिन अधिकतर अफगानों, खासकर महिलाओं को इस बात का संशय और आशंका है कि पिछले दो दशक में उन्हें जो हक मिले हैं, वे खत्म हो जाएंगे।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com