कुलमान के पक्ष में सर्वोच्च का फैसला

काठमांडू, २१ नवम्बर । नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निर्देशक कुलमा घिसिङ के पक्ष में सर्वोच्च अदालत ने फैसला की है । निर्देशक घिसिङ के विरुद्ध दायर रिट में सर्वोच्च ने अन्तरिम आदेश अस्वीकार करते हुए घिसिङ को कार्यकारी पद पर रह कर काम करने के लिए अनुमती दी है ।
सरकार ने गत श्रावण २७ गते तत्कालीन कार्यकारी निर्देशक हितेन्द्रदेव शाक्य को हटाकर कुलमान को कार्यकारी निर्देशक नियुक्त किया था । लेकिन शाक्य ने कहा कि मुझे गैर कानूनी रुप से हटाया गया है, यही दावी के साथ उन्होंने श्रावण ३२ गते सर्वोच्च अदालत में सरकारी निर्णय और घिसिङ के विरुद्ध मुद्दा पंजीकरण किया था ।
शाक्य ने दावा किया था कि घिसिङ को कार्यकारी निर्देशक पद में नियुक्त करने का सरकारी निर्णय गैर कानूनी है, इस निर्णय को खारीज किया जाए । लेकिन प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबरा की एकल नेतृत्व की इजलास ने मंगलबार उक्त मांग अस्वीकार किया । निर्णय अनुसार अब प्राधिकण में कार्यकारी निर्देशक के पद पर रहकर काम कर सकते हैं ।

