दल विभाजन संबंधी अध्यादेश खारिज करना सरकार की बदनियतपूर्ण षडयन्त्रपूर्णः ओली

काठमांडू, २८ सितम्बर । प्रमुख प्रतिपक्षी दल के नेता तथा नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपीशर्मा ओली ने कहा है कि दल विभाजन संबंधी अध्यादेश खारिज करना सरकार की षडयन्त्रपूर्ण कदम है । पूर्व प्रधानमन्त्री भी रहे ओली से मिलने के लिए कानून मन्त्री ज्ञानेन्द्रबहादुर कार्की मंगलबार सुबह ओली निवास बालकोट पहुँचे थे, मन्त्री कार्की से भेटवार्ता करते हुए अध्यक्ष ओली ने ऐसा कहा है ।
अध्यक्ष ओली को मानना है कि सरकार द्वारा जारी अध्यादेश के संबंध में संसद् में विचार–विमर्श होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने संसद् को अनेदखा और अमानित करते हुए राष्ट्रपति मार्फत अध्यादेश खरिज करने का जो निर्णय किया है, वह षड्यन्त्रपूर्ण है ।
उन्होंने कहा– ‘उस समय आधा रात में अध्यादेश लाया गया था, जो प्रमुख प्रतिपक्षी दल के विरुद्ध एक षडयनत्र था और यह काम संविधान विपरित भी था । आज संसद् अधिवेशन चालू अवस्था में है । संसद् में प्रस्तुत विधेयक के ऊपर कोई भी विचार–विमर्श नहीं है, संसद् को मान–मर्दन कर फिर वही अध्यादेश खारिज किया जाता है । यह गैरकानूनी और दुःषित मनसाय से प्रेरित कदम है, दलीय व्यवस्था और प्रमुख प्रतिपक्षी दल के विरुद्ध लक्षित षडयन्त्र है ।’

