डेढ साल के बाद यात्री वाहक भारतीय गाडी को नेपाल प्रवेश के लिए मिली अनुमति
काठमांडू, १ अक्टूबर । डेढ साल के बाद नेपाल सरकार ने भारतीय नम्बल प्लेट की यात्रु बाहक सवारी साधन को नेपाल प्रवेश के लिए अनुमति दी है । कोरोना वायरस (कोभीड–१९) संबंधी जोखिम को मध्यनजर करते हुए नेपाल सरकार ने वि.सं. २०७६ साल चैत्र १० गते से भारतीय नम्बर प्लेट की गाड़ी को नेपाल प्रवेश के लिए प्रतिबंधित किया था ।
मन्त्रिपरिषद् बैठक के निर्णय अनुसार शुक्रबार से अब उक्त प्रतिबंध को हटाया गया है । भन्सार कार्यालयों का कहना है कि अब भारतीय नम्बर प्लेटवाला सरकारी तथा निजी सवारी साधन यात्री के साथ नेपाल प्रवेश कर सकते हैं । लेकिन नेपाल प्रवेश करनेवाले भारतीय यात्रियों को कुछ सुरक्षा मापदण्ड को अनिवार्य पालन करना होगा । शर्त अनुसार भारतीय नम्बर प्लेट की सरकारी एवं निजी सवारी साधन लेकर नेपाल आने वाले हर यात्री को नेपाल आने से पहले ही कोरोना बिरुद्ध की वैक्सिन अनिवार्य रुप में पुरी करनी चाहिए, अर्थात् लगाया हुआ प्रमाण पेश करना होगा । इसीतरह ७२ घंटे पहले की पीसीआर एवं एन्टिजेन परीक्षण रिपोर्ट भी अनिवार्य है ।
नाका खुलते ही नेपाल प्रवेश करनेवाले भारतीय अतिथियों को वीरगंज के होटल व्यवसायियों ने वीरगंज में स्वागत किया है । देश के ही प्रमुख नाका वीरगंज–रक्सौल सीमा होते हुए नेपाल आनेवाली भारतीय गाड़ी तथा अतिथियों को स्वगत करने के लिए होटल तथा पर्यटन व्यवसायी संघ वीरगंज की एक टोली शंकाराचार्य गेट पहुँच गई थी । आज शुक्रबार वीरगंज–रक्सौल सीमा होते हुए बीआर ०६ सीएम ०३२४ नम्बर की भारतीय गाडी नेपाल प्रवेश की है ।
वीरगञ्ज महानगरपालिका के नगर प्रमुख विजय कुमार सरावगी ने कहा है कि भारतीय सवारी एवं अतिथि नेपाल आने से नेपाल की पर्यटन व्यवसाय को पुर्नजीवन प्राप्त होने की अपेक्षाएं हैं । इसीतरह नेपाल–भारत सीमा खुलने के बाद भारत की ओर भी खुशियाली दिखाई दी है ।

