विवाह पंचमी आज :-वैवाहिक जीवन या विवाह में आ रही बाधा दूर होती है

विवाह पंचमी के दिन ही भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। आज के व्रत पूजन और राम-सीता का विवाह कराने से कुंडली के दोषों का निवारण होता है। और वैवाहिक जीवन या विवाह में आ रही बाधा दूर होती है.. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान राम और माता सीता के विवाह का उत्सव मनाया जाता है। इसे विवाह पंचमी कहा जाता है। आज के दिन ही अयोध्या के राजकुमार मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का विवाह मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री सीता से संपन्न हुआ था। इसे श्रीराम पंचमी या विहार पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। आज द्वितीय नागपंचमी के व्रत पूजन किया जाएगा जिसमे शिव के साथ नागदेवता की पूजा अर्चना का विधान है।
कुंडली के गुप्त दोषों के निवारण एवं राहु केतु शनि के दोषों के निवारण एवं अखंड सुख सौभाग्य सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आज से 7 दिनों तक भगवती का अनुष्ठान , ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।। एवं महामाया मन्त्र का जप पूजन विशेष लाभकारी होता है।
*✍🏻 ज्योतिषाचार्य आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
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