जानकी मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गयी फ़ोटो सहित
जनकपुरधाम (नेपाल), मिश्रिलाल मधुकर। विवाह पंचमी महोत्सव के 6वां दिन राम सीता के विवाह का आयोजन जानकी मंदिर में होना हैं। बुधवार को होना है। इस अवसर पर करीब डेढ बजे जानकी मंदिर से बाजा गाजा के साथ जानकी मंदिर के महन्त राम तपेश्वर दास बैष्णव के अगुवाई में जानकी (किशोरी जी) की डोला के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। इस शोभा यात्रा में जानकी मंदिर के कनिष्ठ महंत राम रोशन दास बैष्णव, नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के बरिष्ठ नेता राजेंद्र महतो, प्रदेश दो के वन, पर्यावरण तथा पर्यटन मंत्री शत्रुघ्न महतो, पूर्व मंत्री तथा बिधायक सुरीता साह, पूर्व मंत्री तथा सांसद चंदा चौधरी, पूर्व सांसद शैल कुमारी महतो, जनकपुरधाम के मेयर लाल किशोर साह, उप मेयर रीता कुमारी मिश्र, वार्ड दस के वार्डाध्यक्ष मिथिलेश कर्ण, बिश्वामित्र आश्रम बिसौल के महंत ब्रज किशोर दास, लोसपा नेता तथा हिंदी भाषा अभियानी रमण कुमार पांडे, असर्फी झा, विजय दास बैष्णव सहित नेपाल भारत के साधु संत तथा हजारों आम नागरिक डोला के साथ बारह वीघा (रंगभूमि) के लिए प्रस्थान किया। पीछे पीछे दर्जनों वाहन तथा गांव गांव से आए झांकी भी रंग भूमि के लिए चले। ठीक उसी समय राम मंदिर से राम मंदिर के महंत राम गिरि के अगुवाई मेंअयोध्या से आयी बाराती, अयोध्या से आए साधु, सन्यासी राम युवा कमिटी के सदस्य, मटिहानी के मान महंत जगन्नाथ दास शास्त्री, गुठी के पदाधिकारी तथा हजारो लोग भी बारहबीघा (रंगभूमि) के लिए प्रस्थान किए। उसी समय हेलीकॉप्टर से पुष्प बृष्टि की कई गयी। कड़ी सुरक्षा के बीच दोनो डोला तीन बजे बारहबीघा (रंगभूमि) पहुंची। रंगभूमि मैदान में दोनो डोला के मिलन के बाद स्वयंवर का रस्म मिथिला बिधि बिधान से पूरा की गयी। इस मौके पर जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास बैष्णव तथा राम मंदिर के महंत राम गिरि ने समधी मिलन किए। रंग अवीर तथा हंसी मजाक तथा गाली गलौज का दौर चला। इस सुखद पल को एक लाख से अधिक लोगों ने देखा। यह पल त्रेता युग काल को याद दिलायी। दोनो डोला नगर परिक्रमा के लिए निकले। दोनो डोला को रामानंद चौक, पिड़ारी चौक, थापा चौक, मिल्स एरिया, भानु चौक, शिव चौक, जनक चौक, राम चौक महावीर चौक, सुनार पट्टी जगहों पर छत से महिलाओं ने फूल अक्षत फेक कर डोला का स्वागत किया। दोनो डोला जानकी मंदिर आए। रात में राम और सीता का मिथिला रीति रिवाज से शादी संपन्न होगी।

















