सभापति पद के आकांक्षी नेता पौडेल क्यों पीछे हट गए ?

काठमांडू, २ दिसम्बर । नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामचन्द्र पौडेल नेपाली कांग्रेस के पार्टी सभापति बनना चाहते थे । कई नेता तथा कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा होती थी कि इस बार शेरबहादुर देउवा और रामचन्द्र पौडेल के बीच ही सभापति पद के लिए मुख्य प्रतिस्पर्धा होनेवाला है ।
लेकिन जब महाधिवेशन प्रक्रिया शुरु हुआ तो नेता पौडेल ने सभापति पद के लिए उम्मीदवारी नहीं दिया । सभापति में ही नहीं, उन्होंने अन्य किसी भी पद में उम्मीदवारी नहीं दिया । इसके पीछे एक ही कारण है– प्रकाशमान सिंह और शेखर कोइराला की उम्मीदवारी । हां, नेता सिंह और कोइराला पौडेल समूह के ही नेता हैं । जब सिंह और कोइराला प्रतिस्पर्धा से पीछे नहीं हटे तो नेता पौडेल ने केन्द्रीय सदस्य पद में भी उम्मीदवारी नहीं दिया । पौडेल समूह से ही सभापति पद के लिए दावा करनेवाले पार्टी महामन्त्री शशांक कोइराला ने केन्द्रीय सदस्य के लिए उम्मीदवारी दिया है । सहमति के लिए की गई प्रयास के दौरान नेता पौडेल ने कहा था कि अगर उनको सर्वसम्मत सभापति पद में उम्मीदवार नहीं बनाया जाता है तो वह राजनीति से सन्यास ले सकते हैं ।
राजनीतिक सन्यास का घोषणा तो नेता पौडेल ने नहीं किया है, लेकिन पार्टी के प्रति उन्होंने कई असंत्तुष्टि व्यक्त किया है । नेता पौडेल ने एक विज्ञप्ति प्रकाशित करते हुए कहा है कि वह १४वें महाधिवेशन में नेतृत्व के लिए हो रहे प्रतिस्पर्धा से अलग हो गए हैं । विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका कायम ही रहेगी ।
अपने विज्ञप्ति में नेता पौडेल ने कहा है– ‘सिर्फ सत्ता प्राप्ति के लिए ही पार्टी को प्रयोग ना करे, इसके लिए संस्थापक नेता बीपी, गणेशमान और किसुन जी जीवन भर लड़ते रहे, संघर्ष करते रहे, लेकिन आज वह सब अर्थहीन नजर आता है, इसकी पीडा बोध मुझे हो रहा है ।’ उन्होंने आगे कहा है– ‘पार्टी की १४वें महाधिवेशन हो रही है, यहां तक मैंने जो सफर किया, इस अवधि में मैंने अनेक प्रपंच झेला हूँ, प्रजातान्त्रिक मूल्य, मान्यता और आदर्श को आत्मसाथ करते हुए मैंने क्या नही किया ! लेकिन आज महाधिवेशन के दौरान मुझे प्रतिस्पर्धा से बाहर होना पड़ रहा है ।’
नेता पौडेल ने भी कहा है कि पार्टी और देश में होनेवाले हर तरह के विकृतियों के विरुद्ध वह आगामी दिनों में क्रियाशील रहनेवाले हैं ।

