प्रदेश दो कानाम मधेश प्रदेश रखने की माओवादी ने दिया सुझाव

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर। नेपाल में सात प्रदेश का गठन हो गया हैं। लेकिन अभी सभी प्रदेशों का नाम अभी तक गठन नहीं हो पाया हैं। सबसे अधिक पेचीदा मामला प्रदेश दो में है। सभी पार्टियां ने अलग अलग नाम का सुझाव दिया हैं। नेपाली कांग्रेस मिथिला भोजपुरा नाम के पक्ष में हैं तो वही मधेशवादी दल मधेश प्रदेश के पक्ष में हैं। इस बीच माओवादी ने भी मधेश प्रदेश ही नाम रखने की धारणा रखे है। प्रदेश संसद में माओवादी के प्रमुख उप नेता जगत नारायण यादब ने मधेश प्रदेश रखने की मांग पार्टी की ओर से कर दिया है। उनका सुझाव है कि मधेश शहीद भी मधेश के नाम लेकर शहीद हुए थे। प्रदेश दो आठ जिला का भौगोलिक पृष्ठभूमि भी मधेश जैसा है। इसमें मैथिली, भोजपुरी सहित थारु का भाषा भी बोली जाती हैं। ऐसी स्थिति में संतुलन बनाने के लिए मधेश नाम ही उचित रहेगा। इधर राजनीति दल से इत्र आम लोगों की धारणा हैं कि प्रदेश दो नाम मिथिला प्रदेश तथा स्थायी राजधानी जनकपुरधाम हो।

