प्रेम और जीवन के कवि बसंत चौधरी की दो काव्य कृतियों का लोकार्पण
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काठमांडू, 4जनवरी 2022 । लूनकरणदास गंगादेवी चौधरी साहित्यकला मंदिर द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कवि बसंत चौधरी की दो नवीनतम कृति हिन्दी भाषा की ‘अनेक पल और मैं’ तथा नेपाली भाषा की ‘तिमिविनाको मैं’ का लोकार्पण किया गया । समारोह में कवि बसंत चौधरी, साहित्य कला मंदिर के उपाध्यक्ष हरिहर शर्मा, मुख्य अतिथि नेपाली साहित्य के वरिष्ठ कवि श्री तुलसी दिवस एवं प्रमुख अतिथि प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति श्री गंगाप्रसाद उप्रेती जी की गरिमामयी उपस्थिति थी । पुस्तक के समीक्षक की जिम्मददारी का निर्वाह मुम्बई विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डा करुणाशंकर जी तथा नेपाली साहित्य की वरिष्ठ समालोचक भुवन ढुँगाना जी ने किया । समारोह में ‘तिमिविनाको म’ की प्रकाशक मेघा चौधरी जी की भी महत्तवपूर्ण उपस्थिति थी ।
शब्दों को भावप्रवणता प्रदान करना कवि बसंत चौधरी की खासियत है । आपकी कविता प्रकृति प्रेम और रिश्तों की परिभाषा है जो सहज ही आपको अपनी ओर खींचती है । आपकी रचनाओं पर सभी गरिमामयी व्यक्तित्व ने अपने मंतव्य व्यक्त किया । सबने इस बात पर विशेष बल दिया कि कवि चौधरी संवेदना और सम्भावना के कवि हैं । जिनकी रचना साहित्य जगत को समृद्ध करती है ।
हिन्दी भाषा की कविता संग्रह अनेक पल और मैं को कलिंग लिटरेरी फेस्टविल द्वारा २०२१ का सर्वश्रेष्ठ काव्य संग्रह का अवार्ड प्रदान किया गया है जो नेपाल की हिन्दी साहित्य जगत के लिए गर्व की बात है ।
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