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छूप कर घूष खाएं, दिखा कर जूस पिएं और सलामी ले

 

“सलामी”


व्यगंय….बिम्मी कालिन्दी शर्मा, बिरगंज । ईस देश के मंत्री जितने मजे से घूष खा कर पचा लेते है उतने ही आराम से सलामी भी खा कर डकार जाते है । सलामी भी ऐसी वैसी नहीं है । काठ के पिडे को लाल कपडे से ढंक कर उसके उपर खडे हो कर बडी स्टाईल से सलामी खाने वाले ईस देश के मंत्री बहुत ही अनोखे जीव हैं जो सलामी ले कर सम्मान की सन्तुष्टि लेते हैं । भले ही उनके ईस सलामी से शोसल मीडिया में जगहंसाई हो पर वह सलामी खाने से बाज नहीं आते । बदनाम हुए तो क्या हुआ गूमनाम तो न हुए सोच के साथ ईस देश के पूरी मुस्तैदी से सलामी खाने या लेने में लगे हुए हैं ।
कुछ दिन पहले ही नयी नवेली मंत्राणी रामकुमारी झांक्री ने बकायदा काठ के पिडे में खडे हो कर बडे नाजो अंदाज से वह सलामी खायी की मुझे भी मंत्री बनने की अकुलाहट होने लगी और राजनीति का कीडा मेरे अंदर कुलबुलाने लगा । वैसे रामकुमारी पहली मंत्री नहीं है जिन्होंने सलामी खायी हो । वह तो परंपरा का निर्वाह भर कर रही है जो उनके अग्रज मंत्रियों ने सलामी खा खा कर उन्हे सिखाया है कि यह सलामी बहुत जरुरी चीज है और ईसे जंहा भी जब भी मौका मिले खाते रहना चाहिए । यहां तक कि यदि बाहर सलामी खाने को न मिले तो घर में पलंग में बिस्तर के उपर खडे हो कर भी अपने बच्चो से सलामी ग्रहण करते रहना चाहिए । नहीं तो आदत बिगड जाएगी फिर ।
राम कुमारी झांक्री मेकअप करने में जितनी चाकचौबंद है उतनी हैं मुस्तैद है सलामी खाने में भी । अब तो उनके सेब जैसे लाल गाल और होंठ सलामी खा पी कर और ज्यादा लाल हो गए है । उन्हें भविष्य में और ज्यादा सलामी खाने को मिलेगा ही । क्यों कि ईस देश में नेता मंत्री बनते ही ईस लिए छूप कर घूष खाएं, दिखा कर जूस पिएं और सलामी ले ।

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अब ईन को दिल से सलामी तो कोई देगा नहीं । ईन्होंने काम ही ऐसा किया है कि कोई नेता या मंत्री को कोई भी देश का नागरिक दिल से सम्मान करना नहीं चाहता सलामी तो दूर की बात है । यह बात ईन नेता या मंत्रियों को अच्छी तरह से मालूम है तब भी यह अपनी कथनी और करनी से बाज नहीं आते । ईन्हे तो बस अपना और अपने परिवार का भविष्य बनाना है देश और जनता का भविष्य जाए चूल्हे में ईन्हे क्या ? ईन्हे तो बस पद मे रहते हुए सलामी खाना है । पद से हटने के बाद कोई ईनके मलामी या जनाजे में भी शिरकत नहीं करेगा । न ए खुद ही किसी की मलामी मे जाएगें । बस मंच में भाषण दे कर घडियाली आंसू रोएगें और सलामी खाएगें ।
जब देश के युवा मंत्री बन कर कोई मंत्रालय संभालते है तो देशवासियों को लगता है कि ए कुछ अच्छा करेगें । पर यह ताजा ताजा मंत्रीबने युवा भी उदघाटन में कैंची से रिबन काट्ने और सलामी खाने में ही व्यस्त रहते है । जब पद से बाहर रहते है तब यही युवा बडे बडे क्रांतिकारी बांते करते है लेकिन जब उस बात को ब्यवहार में लागु करना होता है तब क्रातिंकारी का मूलम्मा त्याग कर वैसे ही बन जाते है और सत्ता के गलियारे में मक्खन मलाई खा कर ढेर हो जाते है । अपने क्रांतिकारी का चोगा यह ऐसे उतार फेंकते है जैसे कोई पान की पीक थुकता है । राम कुमारी से उम्मीद थी की यह देश के लिए कुछ अच्छा करेगी पर यह भी ढाक के तीन पात ही सावित हूई । जितने भी जोगी आते है सब के कान चिरे हुए ही हैं । तब राम कुमारी क्यों करेगी कुछ अच्छा । जब सत्ता का मतलब ही भत्ता होता है । गलती हमारी है जो हमने ईनसे उम्मीद ज्यादा रखी । ईन्होंने तो वही किया जो ईनके अग्रज नेताओं ने सिखाया है । ईसी लिए राम कुमारी के सलामी खाने से अचरज न मानिए । आगे देखिए वह और क्या क्या गूल खिलाएगीं ?
बुद्धु तो हम है जो क्रांतिकारी भाषण मेही फिसल कर रासन का सपना देखने लगते हैं । बडे से सम्मान और बिश्वास के फ्रेम में छोटे से नेताओं की फोटो लगा कर उसे बडा बना देते हैं औरखुद ही “लार्जर दैन लाईफ” घोषित कर देते हैं । यह सलामी का कैसा मोह है की एक छोटे से लकडी के पिडे मे खडे हो कर दो-चार दीनहीन लोगों से सलामी ले कर आत्मसंतुष्टि लेते हैं कि ईन्हे देश और जनता मान दे रही है । पर वह तो भाडे के टट्टू है जो अपनी नौकरी बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं । जरूरत पडे तो यह आपके पांव भी दबा देगें और ज्यादा तानाशाही करी और ईनको गुस्सा आया तो आपका गला भी दबा देगें । पर राम कुमारी जैसे कागज के क्रांतिकारी नेता यह समझे तब न ? नंयी-नंयी मंत्री बनी है, नंया नंया उत्साह उफान मार रहा है । अब काम तो तब करेगें न जब दिमाग में कोई नंया आईडिया आएगा । दीमाग तो घूष के भूष से भरा हुआ है यह सही दीशा में सोचेगा भी कैसे ? ईसी लिए कुंद दिमाग से और काम भले ही न कर पाए पर सलामी जरूर लेते रहना चाहिए । देश कम से कम सलामी में तो समृद्ध है ईसके लिए कोई जुगाड करने कि या किसी और देश से आयात नहीं करनी पडती । सलामी शुद्ध आर्गेनिक देशी क्रिया है । ईसी लिए ईसको करते रहिए और देश प्रेम का ढोंग प्रकट कर के असली राष्ट्रविदी बनिए । 👌

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