गजेन्द्र नारायण सिंह मधेशी के अधिकार के लिए जीवन भर लड़े : सुरीता साह

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । स्व. गजेन्द्र नारायण सिंह मधेशी के अधिकार तथा मधेश के विकास के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। उपयुक्त बातें गजेन्द्र नारायण सिंह की 20वीं पुण्य तिथि पर जनकपुरधाम में “मधेश प्रदेश नामकरण र गजेन्द्र नारायण सिंह बिषय पर आयोजित अंतरक्रिया कार्यक्रम में पूर्व मंत्री तथा बिधायक सुरीता साह ने कहीं। उन्होंने कहा कि मधेशी की अधिकार के लिए वे जीवन समर्पित कर दिए थे। राजा के शासनकाल में उन्हे अनेक यातनाएं सहना पड़ा था। वे जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्र, हिन्दी को संपर्क भाषा, नागरिकता समस्या के लिए मधेश के सभी जिलों में जनजागरण अभियान चलाये थे। लेकिन सत्ता के लोभ में कुछ मधेशी दल उनके सिद्धांतों को भूल रहे हैं। हमें उनके अधूरे सपनो को पूरा करना होगा तथी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अन्तरक्रिया कार्यक्रम में बिशिष्ट अतिथि पद से बोलते हुए हिंदी भाषा अभियानी रमन पांडेय ने कहा कि गजेन्द्र नारायण सिंह मधेशी अधिकार के लिए जो लड़ाई लड़े थे वह अधूरा है। जव तक मधेशी को अधिकार नहीं मिलेगा तव तक उनके आत्मा को शान्ति नहीं मिलेगा। वे मधेशी की शान धोती को विश्व में पहचान दिलाने में कामयाब हुए। खस शासक द्वारा उन्हें अनेकों प्रलोभन दिए गए लेकिन वे अपने जमीर से समझौता. नहीं किए। वे मेची से महाकाली तक 22जिलो को मधेश माना था। अवधी, भोजपुरी, मैथिली को जोड़ने बाली हिन्दी को संपर्क भाषा के लिए प्रयासरत रहे। दुर्भाग्य से आठ जिला को मधेश प्रदेश बनाकर अन्य मधेश के जिलों का पहचान संकट में पड़ गया है। आधा मधेश प्रदेश क कतई मान्य नहीं होगा। जव तक मधेशी को सभी क्षेत्रों में समानता का अधिकार नहीं मिल जाता है तव तक गजेन्द्र नारायण सिंह का पुण्य तिथि मनाना वेइमानी होगा। संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न इस अंतरक्रिया कार्यक्रम में लोसपा के सहकारी प्रमुख संजय साह लोसपा के नगर अध्यक्ष राम चंद्र पंजियार, बिभा ठाकुर, सत्य नारायण साह, हरे राम मंडल, विंद प्रसाद साह, शहीद के बहन ममता चौधरी सहित कई लोगो ने गजेन्द्र नारायण सिंह के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डालें। अंतरक्रिया कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार साह ने किया।

