मैथिली कवि गोष्ठी में शब्द कुशुमांजली अर्पित
सफलता के आठवां वर्ष!
जनकपुरधाम, 30 जनवरी । कल 2078-10-25 गत्ते शनिवार के दिन जनकपुर के पवित्र सरोवर गंगासागर के प्रांगण में मैथिली कवि गोष्ठी आयोजित किया गया। डा रेवती रमण लाल जी के अध्यक्षता तथा डा अजय कुमार झा के प्रमुख आतिथ्य में आज यह ऐतिहासिक कार्यक्रम बहुत ही सुरम्य वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आयोजक श्री काशीकांत झा के अथक प्रयास और निरंतरता ने आज इस अभियानको सफलता पूर्वक आठ वर्ष होने में कोई दिक्कत नहीं हुआ। आज 96 वाँ अंक था; 100 वां अंक विशेष धूमधाम और भव्यता के साथ आयोजन करने का योजना उन्होंने सार्वजनिक किया।
कार्यक्रम के उद्घोषक श्री प्रमोदानंद झा जी के आनंददायक शब्दों ने सबको आनंद के सागर में हिलोरे लगाते रहे। उधर 82 वर्षीय साहित्यकार श्री महेश्वर राय जी के क्रांतकारी काव्यों ने सबको चौकादिया। 21 दिग्गज कवियों के कविता बाचन तथा सम्मान समारोह ने गंगासागर के अनुपम छटाको विशेष शोभायमान बना रहा था।
कुछ कवियों ने मिथिला प्रदेश नामाकरण न किए जाने पर अपनी काव्यों के माध्यम से दुख जाहिर किए तो कुछ कवियों ने नेपाल के प्रथम शहीद श्री दुर्गानंद झा के स्मृति दिवस पर अपनी शब्द कुशुमांजली अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया। इस तरह सतरंगी इंद्रधनुष के समान कवि और कवियित्रियों के मधुर गान से सभा कक्ष सुरम्य बन गया था।



