पुलिस भर्ती विज्ञापन रद्द करने के लिए मधेश प्रदेश सरकार द्वारा संघ सरकार के विरुद्ध सर्वोच्च में मुद्दा

काठमांडू, १८ फरवरी । नेपाल पुलिस द्वारा प्रकाशित विभिन्न तह में कर्मचारी भर्ती संबंधी विज्ञापन रद्द करने के लिए मांग करते हुए मधेश प्रदेश सरकार ने संघ सरकार विरुद्ध सर्वोच्च अदालत में मुद्दा पंजीकरण किया है । मधेश प्रदेश सरकार के आन्तरिक मामिला तथा संचार मन्त्री भरतप्रसाद साह ने आज शुक्रबार जनकपुरधाम में एक पत्रकार सम्मेलन करते हुए इसके संबंध में जानकारी दिया है ।
पत्रकार सम्मेलन में बोलते हुए मन्त्री साह ने कहा कि संघीय सरकार पुलिस गठन संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अनिच्छुक दिखाई दे रही है । उनका कहना है कि जिसके चलते पुलिस भर्ती संबंधी प्रकाशित विज्ञापन रद्द करने के लिए मांग करते हुए फाल्गुन १ गते ही सर्वोच्च में निवेदन पंजीकृत हुई है । मन्त्री साह के अनुसार पुलिस प्रधान कार्यालय नक्साल, गृह मन्त्रालय, प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय को विपक्षी बनाकर मुद्दा पंजीकृत हुई है ।
मन्त्री साह का कहना है कि प्रकाशित विज्ञापन संविधान और प्रादेशिक अधिकार के मर्म विपरित भी है । उन्होंने कहा है कि संविधान में एकल अधिकार संबंधी सूची में प्रदेश की शान्ति सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है, इसीलिए पुलिस भर्ती संबंधी अधिकार भी प्रदेश सरकार को ही है ।
स्मरणीय है, गत मार्गशीर्ष १० गते नेपाल पुलिस की विभिन्न पदों में कर्मचारी भर्ती के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुई थी । मन्त्री साह ने कहा कि उक्त विज्ञापन नेपाल की संविधान, नेपाल पुलिस और प्रदेश पुलिस कार्य सञ्चालन, सुपरिवेक्षण और समन्वय– ऐन, २०७६ तथा पुलिस कर्मचारी समायोजन ऐन, २०७६ के विपरीत है ।

