अपने बयान पुष्टी करने लिए खनाल द्वारा ओली को चुनौती

काठमांडू, २५ फरवरी । नेकपा एकीकृत समाजवादी के नेता तथा पूर्व प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल ने कहा है कि उनके कार्यकाल में अमेरिकी सहयोग परियोजना (एमसीसी) के लिए कोई भी निवेदन पंजीकृत नहीं हुई है । नेकपा एमाले के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली द्वारा व्यक्त कथन को प्रतिकार करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है ।
स्मरणीय है, आज ही पोखरा में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए एमाले अध्यक्ष ओली ने कहा था कि एमसीसी के लिए निवेदन देनेवाले खनाल को देखकर प्रदर्शनकारी तालियां बजाते हैं, लेकिन उनके विरुद्ध पत्थारबाजी करते हैं । ओली द्वारा व्यक्त इस कथन का जवाब आज ही नेता खनाल ने काठमांडू से दिया है । उन्होंने ओली को इस बात को पुष्टी करने के लिए चुनौती भी दिया है ।
काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए एकीकृत समाजवादी के नेता खनाल ने कहा– ‘जिस वक्त मैं प्रधानमन्त्री था, उस वक्त ऐसे कोई भी पत्र और अनुरोध नहीं हुआ है । एमसीसी के संबंध में मेरे कार्यकाल में कोई भी बात नहीं हुआ है । उस समय हमारा मुख्य उद्देश्य संविधान निर्माण करना था ।’ उन्होंने कहा कि डा. बाबुराम भट्टराई प्रधानमन्त्री रहते वक्त एमसीसी में आबद्ध होने के लिए पत्र भेजा गया था । नेता खनाल ने आगे कहा– ‘मेरे कार्यकाल में ऐसा हुआ है, ऐसा कोई भी प्रमाण पेश कीजिए, यह मेरी चुनौती है ।’
नेता खनाल ने कहा है कि अमेरिकी कानून ने ही एमसीसी को अमेरिकी सरकार की निगम के रुप में स्वीकार किया है ।

