Sun. Jul 19th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

विकास के न्यूनतम मानक को सभी स्थानीय स्तरों पर पहुँचाया जाना चाहिए : पौडेल

 

 

राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन और वित्त आयोग ने व्यय, पहचान और समान वितरण की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रतिनिधिसभा अर्थ समिति  की बैठक में आयोग के अध्यक्ष बालानंद पौडेल ने कहा कि संघीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों की गुणवत्ता और परिणाम के मानक को स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, ”किस सड़क का निर्माण करना है और इसे कहां बनाना है, यह राज्य और स्थानीय स्तर पर दिया जाना चाहिए, भले ही केंद्र से तय हो कि इस साल देश में कितनी सड़कों का निर्माण किया जाएगा.” विकास के न्यूनतम मानक को सभी स्थानीय स्तरों पर पहुँचाया जाना चाहिए।”

यह भी पढें   प्रधानमंत्री बालेन को ‘श्री ८’ की संज्ञा देने पर रास्वपा की आपत्ति, रिकॉर्ड से हटाने की मांग

यह कहते हुए कि सरकार वित्तीय संघवाद के कार्यान्वयन पर आयोग की सिफारिश की अवहेलना में सशर्त अनुदान का पुनर्वितरण करने की तैयारी कर रही है, आयोग को राज्य और स्थानीय स्तर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है कि बजट अपर्याप्त है। आयोग ने यह भी शिकायत की है कि सरकार ने एकीकृत कानून का मसौदा तैयार करने के भगीरथ के प्रयासों के बावजूद कानून का मसौदा तैयार करने के लिए अपनी सहमति नहीं दी है।

यह भी पढें   वरिष्ठ नागरिक अगुवा एवं पूर्व अर्थमन्त्री डॉ. देवेंद्र राज पांडेय का निधन

समिति के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दहल ने टिप्पणी की कि आयोग के लिए यह सुखद नहीं था, जिसके पास वित्तीय संघवाद को लागू करने का पूरा अधिकार है, ऐसी स्थिति में होना जहां यह कानून की कमी के कारण कार्य नहीं कर सका। उन्होंने कहा, “स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सशर्त अनुदान की बढ़ती मांग इंगित करती है कि वित्तीय संघवाद ठीक से आगे नहीं बढ़ पाया है। ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक संसाधनों की पहचान, जुटाई और उपयोग किया गया है।”

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *