जनकपुर में स्वतंत्र प्रत्याशी का मेयर वनने का पुराना इतिहास है
जनकपुरधाम, मिश्री लाल मधुकर।स्वतंत्र उम्मीदवार कामेयर के रूप में जीत जनकपुर का पुराना इतिहास रहा है।विश्व में हिन्दू के आस्था के रूप में चर्चित जनकपुरधाम स्वतंत्र प्रत्याशी का मेयर वनने का इतिहास रहा है। प्रजातंत्र स्थापना के बाद हुयी स्थानीय चुनाव में मेयर तथा उप मेयर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़े और अपार मत से चुनाव जीते। नेपाली कांग्रेस से ताल्लुक रखने बाले बृषेश चन्द्र लाल तथा लाल किशोर साह ने नेपाली कांग्रेस से वगावत कर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़े। उस समय चुनाव में घड़ी और चश्मा चिन्ह काफी चर्चित रहा। इसके वाद नेपाली कांग्रेस छोड़कर बजरंग साह भी स्वतंत्र से मेयर काचुनाव लड़े और जीत दर्ज की। इसके वाद बर्षों तक निरंकुश शासन के समय समय पर चुनाव नहीं हुए। एक बार चुनाव हुए। लेकिन माओवादी सहित कई दलो ने चुनाव का विरोध किया था। फिर भी चुनाव हुए तथा राजदेवमिश्र (बाबा) मेयरवने। इसके वाद 2064में चुनाव हुए तत्कालीन राजपा से लाल किशोर साह तथा रीता कुमारी मिश्र उप मेयर वनी। इस वार किसके सर पर ताज सजेगा। कहना मुश्किल है।


